
पिछले छह दिनों में दक्षिणी चीन में भारी बारिश-तूफान का कहर जारी है और नदी किनारे के शहरों में कई लोग मारे गए। दक्षिणी चीन के गुआंगडोंग प्रांत में एक राजमार्ग का एक हिस्सा ढह गया, जिससे कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई। राज्य प्रसारक सीसीटीवी ने बुधवार को यह जानकारी दी।रिपोर्ट में कहा गया है कि इलाके में हाल के दिनों में भारी बारिश हो रही है और बचावकर्मियों ने 30 लोगों को अस्पताल पहुंचाया है।
वह सप्ताहांत से अपनी प्रयोगशाला के बाहर धरना दे रहे थे। यह घटनाक्रम कोरोना वायरस पर अनुसंधान कर रहे वैज्ञानिकों पर बीजिंग के बढ़ते दबाव का संकेत देता है। ‘शंघाई पब्लिक हेल्थ क्लिनिकल सेंटर’ ने पहले कहा था कि झांग की प्रयोगशाला का नवीनीकरण किया जा रहा है और सुरक्षा कारणों से इसे बंद किया गया है लेकिन झांग ने कहा कि उनकी टीम को कोई विकल्प नहीं दिया गया और नई प्रयोगशाला अनुसंधान के लिए सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। झांग से जुड़ी यह घटना यह दिखाती है कि चीन कैसे वायरस से जुड़ी जानकारियों को नियंत्रित कर रहा है।
हॉन्गकॉन्ग से 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्वांगझोउ शहर गुआंगडोंगप्रांत की राजधानी है। गुआंगडोंग प्रांत चीन के सबसे बड़े प्रांतों में से एक है। इसे चीन के इंडस्ट्रियल एरिया के रूप में भी जाना जाता है। इस क्षेत्र में कई फैक्ट्रीज है, जो बड़ी मात्रा में चीनी सामानों को एक्सपोर्ट करती है। इससे पहले चीन के ग्वांगझोउ शहर में आए बवंडर के कारण पांच लोगों की मौत हुई व 33 लोग घायल हुए हैं।
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक तूफान शनिवार ( 27 अप्रैल) दोपहर ग्वांगझोउ शहर से टकराया। इस दौरान यहां 20.6 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार की अधिकतम हवा दर्ज की गई। तूफान के कारण 141 फैक्ट्रीज की इमारतों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बचाव दल अभी भी उन 10 लोगों की तलाश कर रहा है जो रविवार से लापता हैं। आधिकारिक शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने कहा कि झाओकिंग शहर में तीन लोगों की मौत हो गई
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