
भारतीय सेना के एक मेजर ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बात करते हुए कहा कि शुरुआत में वे यही कहेंगे कि गोलियां तो दुश्मन ने चलाई थीं, लेकिन धमाका भारतीय सेना ने किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर किसी हमले का जवाब नहीं था, बल्कि यह एक पूरी तरह से योजना बनाकर किया गया मिशन था।
मेजर ने आगे बताया कि उनका इरादा बिल्कुल साफ था। भारतीय सेना दुश्मन के आतंकी ठिकानों और उन चौकियों को तबाह करना चाहती थी, जो घुसपैठ में उनकी मदद कर रही थीं। इसके लिए सेना पूरी तरह से मानसिक रूप से, अभ्यास के तौर पर और साजो-सामान के साथ तैयार थी। सैनिकों ने अपने हथियारों का इतना अभ्यास कर लिया था कि उनका ध्यान सिर्फ लक्ष्य पर था और कहीं नहीं गया। उनका हमला एकदम सटीक था और सीधा टारगेट पर ही गिरा।
एक युवा गनर का किस्सा सुनाते हुए मेजर ने कहा कि आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए भारतीय सेना के पास आधुनिक रडार सिस्टम और नई पीढ़ी के टारगेट वाले हथियार थे। लेकिन, इन सबसे ज़्यादा ज़रूरी उनके सैनिकों का हौसला था। मेजर ने याद करते हुए बताया कि फायरिंग के दौरान एक युवा गनर ने उन्हें चिल्लाकर कहा था, “साहब, आपने टारगेट दिया और हमने फायर किया, ज़रा देखिए तो टारगेट का क्या हुआ।” यह जवानों का जोश था।
मेजर ने गर्व से कहा कि पाकिस्तान की तरफ से बहुत सारे हमले हुए, लेकिन भारतीय सेना की तरफ से कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ, जब दुश्मन ने भारतीय नागरिकों के इलाकों को निशाना बनाना शुरू किया, तो भारतीय सेना ने उनकी चौकियों को भी नष्ट कर दिया। भारतीय सेना के पास मौका था और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया। यह ऐसा जवाब है जिसे पाकिस्तान हमेशा याद रखेगा और भविष्य में कुछ भी करने से पहले सौ बार सोचेगा।
Home / Uncategorized / ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मेजर बोले- गोलियां तो दुश्मन ने चलाई, भारतीय सेना ने तो धमाका किया
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