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सबसे एडवांस Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का ऑफर, ToT के लिए भी तैयार, भारत से दोस्त रूस का बड़ा वादा


रूस ने पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट को लेकर भारत को पहले से बड़ा ऑफर दिया है। रूस भारतीय वायु सेना के लिए एयरस्पेस क्षेत्र में भारत का पुराना पार्टनर रहा है। इस वजह से उसने स्टील्थ टेक्नोलॉजी में भी भारत से दोस्ती निभाने के लिए इसके सामने दो सीटों वाले एडवांस Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट का प्रस्ताव रखा है।
रूस एडवांस Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट के साथ इसकी पूरी टेक्नोलॉजी (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर-ToT)देने के लिए भी तैयार है। रूस की ओर से भारत को यह प्रस्ताव जनवरी के आखिर में हुए विंग्स इंडिया 2026 प्रदर्शनी में दिया गया। डिफेंस डॉट इन की एक रिपोर्ट के अनुसार रूस इसकी मदद से ठंडे बस्ते में डाल दिए गए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान साझेदारी (FGFA) को फिर से जिंदा भी करना चाहता है।
स्वदेशी ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलें फिट हो सकती हैं – भारत को सोर्स कोड मिला तो ब्रह्मोस और अस्त्र जैसी मिसाइलें भी एडवांस Su-57 में फिट की जा सकेंगी। 2018 में भारत पांचवीं पीढ़ी लड़ाकू विमान साझेदारी (FGFA) से बाहर निकल गया था। तब रूसी स्टील्थ लड़ाकू विमान की कीमत पर विवाद था, भारतीय इंजीनियरों के लिए ज्यादा काम नहीं छोड़े जा रहे थे। यही नहीं, तब इसकी स्टील्थ क्षमता और इंजन भी संदेहों के घेरे में थे।
एएमसीए से पहले भारतीय वायु सेना की जरूरत पर नजर – इसी के बाद भारत ने इंडियन एयर फोर्स के लिए स्वदेशी एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देना शुरू किया। हालांकि, अभी 2029 तक इसके प्रोटोटाइप बनने की संभावना है और भारतीय वायु सेना के लिए प्रोडक्शन शुरू होने में 2035 तक लग सकते हैं। ऐसे में रूस ने भारत के पास स्टील्थ फाइटर जेट विमानों के अभाव की कमी अपने एडवांस Su-57 से दूर करने का नया प्रयास शुरू किया है।
दो सीटों वाले एडवांस Su-57 स्टील्थ फाइटर के फायदे – अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट F-22 या F-35 सिंगल सीटों वाले पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं। ऐसे में अपने दो सीटों वाले एडवांस Su-57 के बारे में रूस का कहना है कि मॉडर्न वॉरफेयर में जब इंसान और मशीनों की जुगलबंदी (Manned-Unmanned Teaming) बहुत जरूरी है, दो सीटों वाला स्टील्थ Su-57 इसका सही जवाब है।
इसमें पिछले सीट वाला पायलट मिशन कमांडर या मिनी-एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (Mini-AWACS) के रूप में काम कर सकता है। जबकि, पायलट विमान उड़ाने और दुश्मन के मिसाइलों को जवाब देने पर फोकस कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार अगर रूसी प्रस्ताव मंजूर हुआ तो 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक इसका प्रोटोटाइप तैयार हो सकता है।