
व्हाइट हाउस ने कहा है कि एफबीआई निदेशक के रूप में काश पटेल की नियुक्ति राष्ट्रपति ट्रंप के बेहतर प्रशासन और कानून के शासन को बनाए रखने के एजेंडे को क्रियान्वित करने में महत्वपूर्ण कदम है। एफबीआई अमेरिकी लोगों की सेवा करेगी और अपने मिशन पर फिर से ध्यान केंद्रित करेगी।
भारतीय मूल के काश पटेल की एफबीआई डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति को अमेरिकी सीनेट ने मंजूरी दे दी है। सीनेट में हुए मतदान में काश पटेल को संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) का अगला निदेशक बनाने के पक्ष में 51 मत जबकि विरोध में 49 मत उनके पड़े। रिपब्लिकन पार्टी की सुसान कॉलिन्स और लिसा मर्कोव्स्की ने भी 47 डेमोक्रेट्स के साथ पटेल की नियुक्ति के खिलाफ वोट दिया है। ट्रंप ने बीते साल चुनाव जीतने के बाद ही पटेल को एफबीआई की जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान कर दिया था। इस पर अब सीनेट ने भी मुहर लगा दी है। भारत के गुजरात स्टेट से ताल्लुक रखने वाले पटेल इससे पहले फेडरल डिफेंडर और न्याय विभाग में आतंक विरोधी अभियोजक के रूप में काम कर चुके हैं।
एफबीआई निदेशक के रूप में पटेल का कार्यकाल 10 साल का होगा। उन्होंने क्रिस्टोफर रे की जगह ली है, जिन्होंने ट्रंप के दोबारा कार्यभार संभालने से पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया था। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी पटेल ऐसे समय पर ये पद संभालेगे, जब FBI में उथल-पुथल मची हुई है। हाल ही में न्याय विभाग ने वरिष्ठ एफबीआई अधिकारियों को हटाया है और जनवरी, 2021 के कैपिटल दंगे की जांच में शामिल हजारों एजेंटों की पहचान करने के लिए कहा है।
FBI की प्रतिष्ठा वापस लाएंगे: पटेल – काश पटेल ने अपनी नियुक्ति के बाद कहा, ‘एफबीआई निदेशक के रूप में मेरा मिशन स्पष्ट है- अच्छे पुलिसवालों को पुलिसिंग करने दें और एफबीआई में लोगों का विश्वास बहाल करें।’ अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा उन्होंने कहा कि हम इस धरती के हर कोने में ऐसे तत्वों का पीछा करेंगे और उनको पकड़ेंगे।
Home / News / काश पटेल की एफबीआई डायरेक्टर पद पर नियुक्ति को सीनेट की मंजूरी, डोनाल्ड ट्रंप के हैं खास, जानें भारत से नाता
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