
रूस के पत्रकार दमित्री मुरातोव ने शांति के लिए मिले अपने नोबेल पुरस्कार की यूक्रेन के बच्चों की मदद के लिए धन जुटाने के लिए नीलामी कर दी। यह पुरस्कार सोमवार रात को 10.35 करोड़ डॉलर में बिका। नीलामी से मिलने वाली धनराशि का इस्तेमाल यूक्रेन में युद्ध से विस्थापित हुए बच्चों के कल्याण पर खर्च होगा। नीलामी का आयोजन करने वाले ‘हेरिटेज ऑक्शन्स’ के प्रवक्ता ने हालांकि यह जानकारी नहीं दी की इस पुरस्कार को किसने खरीदा।
माना जा रहा है कि किसी अन्य देश के व्यक्ति ने इसे खरीदा है। करीब तीन सप्ताह तक चली नीलामी प्रक्रिया ‘विश्व शरणार्थी दिवस’ के दिन समाप्त हुई। मुरातोव ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘मुझे उम्मीद थी कि इसे बहुत समर्थन मिलेगा, मगर मुझे इतनी बड़ी राशि मिलने की उम्मीद नहीं थी।’ इससे पहले 2014 में जेम्स वॉटसन का नोबेल पुरस्कार सबसे अधिक 47.60 लाख डॉलर में बिका था।
यूक्रेन युद्ध के बाद बंद हो गया मुरातोव का अखबार : उन्हें डीएनए की संरचना की सह खोज के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया था। अक्टूबर 2021 में स्वर्ण पदक से सम्मानित मुरातोव ने स्वतंत्र रूसी अखबार ‘नोवाया गजेटा’ की स्थापना की थी और वह मार्च में अखबार के बंद होने के समय इसके प्रधान संपादक थे। यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर सार्वजनिक विरोध को दबाने और पत्रकारों पर रूसी कार्रवाई के चलते यह अखबार बंद कर दिया गया था।
यूनिसेफ को मिल गई नीलामी राशि : मुरातोव ने पुरस्कार की नीलामी से मिलने वाली 5,00,000 डॉलर की नकद राशि परमार्थ के लिए दान करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे यूनिसेफ को जाएगी। नीलामी समाप्त होने के तत्काल बाद यूनिसेफ ने कहा कि उसे राशि प्राप्त हो गई है। ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया एक जून को प्रारंभ हुई थी।
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