
ताइपेः ताइवान ने आज चीन पर आरोप लगाया कि वह उसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ ) की बैठक में जाने से रोककर ताइवानी लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहा है और वैश्विक महामारी निवारण से समझौता कर रहा है। ताइवान ने अगले महीने डब्ल्यूएचओ की एक अहम बैठक में शामिल होने की उम्मीद जताई है।
आठ वर्षों में पिछले साल ऐसा पहली बार हुआ कि जब ताइवान को डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वार्षिक बैठक विश्व स्वास्थ्य सभा में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई। इस द्वीप को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों से बाहर रखने के प्रयासों के तौर पर चीन के दबाव के कारण ऐसा हुआ।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वर्ष 2009 से 2017 के बीच ताइवान ने डब्ल्यूएचओ की सभाओं के लिए 154 आवेदन दिए लेकिन केवल 46 आवेदनों को स्वीकृत किया गया। उसने कहा कि चीन ने ताइवान की स्वास्थ्य सूचना की समय पर अधिसूचना देने में भी देरी की। बयान में कहा गया है। चीन और डब्ल्यूएचओ के बीच एकतरफा व्यवस्था ना केवल ताइवानी लोगों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा करती है बल्कि इससे वैश्विक महामारी निवारण में चूक भी हो रही है। ’’
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