
तालिबान अफगानिस्तान के सर्वाधिक लोकप्रिय स्थलों में से एक राष्ट्रीय पार्क बंद-ए-अमीर में महिलाओं को जाने से रोकने के लिए सुरक्षाबलों का इस्तेमाल करेगा। अफगानिस्तान के ‘सदाचार’ मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि बामियान प्रांत में स्थित बंद-ए-अमीर में जाते समय महिलाएं हिजाब पहनने के सही तरीके को नहीं अपना रही हैं। इससे एक सप्ताह पहले मंत्री मोहम्मद खालिद हनाफी ने प्रांत का दौरा किया था और अधिकारियों तथा धार्मिक नेताओं से कहा था कि महिलाएं हिजाब पहनने के सही तरीके का पालन नहीं कर रही हैं।
हनाफी ने सुरक्षाकर्मियों से महिलाओं को पर्यटन स्थल पर जाने से रोकने के लिए कहा था। हनाफी ने उस समय कहा, ‘महिलाओं के लिए दर्शनीय स्थलों की यात्रा करना जरूरी नहीं है।’मंत्रालय के प्रवक्ता मौलवी मोहम्मद सादिक अकीफ ने हनाफी के बयान पर आधारित एक रिपोर्ट शनिवार रात को साझा की जिसमें हनाफी के आदेश का पालन करने के लिए सुरक्षाबलों, धर्मगुरुओं और बुजुर्गों की मदद की बात शामिल है।
देश का पहला राष्ट्रीय पार्क – अकीफ की रिपोर्ट के अनुरूप, बामियान में मंत्री के भाषण की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर साझा की गई। हालांकि, अकीफ रविवार को प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए उपलब्ध नहीं थे। बामियान में बंद-ए-अमीर पर्यटकों को आकर्षित करने वाला एक बड़ा केंद्र है। इसे वर्ष 2009 में देश का पहला राष्ट्रीय पार्क बनाया गया जहां हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं।
Home / Uncategorized / महिलाओं की एक और आजादी तालिबान ने छीनी, अफगानिस्तान के नेशनल पार्क में जाने पर लगाई रोक, बताया ये कारण
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