
देश की विमानन सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि डीजीसीए के नियमित अधिकारी नहीं, बल्कि एयरलाइंस से कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कैप्टन ही सेफ्टी ऑडिट कर रहे हैं।
देश की विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर एक सवाल खड़ा हो रहा है। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट समेत देश की तमाम एयरलाइंस और उनके विमानों की सेफ्टी ऑडिट का काम डीजीसीए के नियमित अधिकारी नहीं, बल्कि अधिकतर मामलों में उन्हीं एयरलाइंस से एक्सपर्ट के तौर पर डीजीसीए में कॉन्ट्रैक्ट पर हायर किए गए कैप्टन और सीनियर पायलट करते हैं।
डीजीसीए के अधिकारी करते हैं ऑडिट – सूत्रों के मुताबिक, डीजीसीए के अपने रेगुलर अधिकारी मुख्य रूप से एयरपोर्ट की ऑडिट करते हैं, जबकि एयरलाइंस और उनके विमानों की सुरक्षा जांच के लिए विभिन्न एयरलाइंस से जुड़े अनुभवी कैप्टनों को फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर विंग में तैनात किया गया है।
डीजीसीए के पास हैं इतने कैप्टन – मौजूदा समय में डीजीसीए के पास ऐसे 120 से अधिक कैप्टन हैं, जो इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अन्य भारतीय एयरलाइंस से हायर किए गए हैं। इनका जिम्मा यह देखने का है कि एयरलाइंस सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर रही है या नहीं। हालांकि जानकारों का मानना है कि इसी व्यवस्था के चलते कई बार सुरक्षा से समझौते का खतरा भी बना रहता है।
Home / Uncategorized / एयरलाइंस से आए अफसरों के ही भरोसे DGCA का जांच सिस्टम, जानें क्या है पूरा मामला
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