
सोनू सूद ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसके जरिए उन्होंने भाईचारे की दी नसीहत दी है। उन्होंने कहा- कभी सोचा है कि शराब बेचने वालों को कहीं जाना नहीं पड़ता है, लेकिन दूध बेचने वाले को घर-घर जाना पड़ता है। पायल की कीमत हजारों में होती है, पर उसे पैरों में पहना जाता है और बिंदी सस्ती होती है, लेकिन उसे माथे पर लगाया जाता है।’
सोनू सूद बॉलीवुड के वो कलाकार है जो रील लाइफ से अधिक रियल लाइफ में हीरो रहे हैं। कोरोना के दौरान लोगों को मदद करने से हुई शुरुआत आज तक जारी है। उन तक पहुंचने वाले हर जरूरतमंदों की सोनू सूद ने मदद की है। इस वक्त उनका एक वीडियो चर्चा में है जिसमें उन्होंने कुछ ऐसे मुद्दों पर बात की है जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रहा। उन्होंने इस वीडियो में अक्सर लोगों से होनेवाली उन गलतियों को बताया है जिसे हम नजरअंदाज कर दिया करते हैं। एक्टर ने घर में रखी गीता और कुरान को लेकर भी कुछ बातें कही हैं।
सोनू सूद फिल्मों में अपनी एक्टिंग से लेकर जरूरतमंदों की मदद को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इसी के साथ ही, वे किसी भी मुद्दे पर बेबाकी के साथ अपनी राय रखने में पीछे नहीं हटते हैं। मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए सोनू सूद ने गहरी और सोचने वाली बातें कहीं।
‘दूध बेचने वाले को घर-घर जाना पड़ता है’ – इंस्टाग्राम पर उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में उन्होंने गीता और कुरान का उदाहरण देकर इंसानियत पर गहरा संदेश दिया। एक्टर ने कहा, ‘कभी सोचा है कि शराब बेचने वालों को कहीं जाना नहीं पड़ता है, लेकिन दूध बेचने वाले को घर-घर जाना पड़ता है। फिर भी लोग दूध वाले पर शक करते हुए पूछते हैं कि कहीं पानी तो नहीं मिलाया है, लेकिन खुद शराब में पानी मिलाकर पीते हैं।’
‘पायल की कीमत हजारों में, पर उसे पैरों में पहना जाता है’ – उन्होंने आगे कहा कि एक सच्चा दोस्त वही होता है जो कड़वा सच बोलता है। नमक में कीड़े नहीं लगते लेकिन मिठाई में अक्सर कीड़े पड़ जाते हैं। सोनू ने कहा, ‘हम किसी अच्छी तस्वीर की सालों-साल तारीफ करते हैं, लेकिन उस तस्वीर को सहारा देने वाली छोटी-सी कील को भूल जाते हैं। ठीक वैसे ही, मोमबत्ती को जलाकर हम अपने गुजरे हुए लोगों को याद करते हैं, लेकिन उसी मोमबत्ती को बुझाकर जन्मदिन की खुशी मनाते हैं। पायल की कीमत हजारों में होती है, पर उसे पैरों में पहना जाता है और बिंदी सस्ती होती है, लेकिन उसे माथे पर लगाया जाता है।’
कहा- बेहतर इंसान बनो, क्योंकि यही असली जिंदगी – सोनू सूद अपनी बात को खत्म करते हुए गीता और कुरान का उदाहरण दिया। एक्टर ने कहा, ‘सबसे बड़ी बात यह है कि घर में रखी गीता और कुरान कभी आपस में नहीं लड़ती हैं। वे शांति से साथ रहती हैं, लेकिन जो लोग इनके नाम पर झगड़े और लड़ाई करते हैं, उन्होंने इन्हें कभी ठीक से पढ़ा ही नहीं होता है। वाह रे इंसान, अपनी गलतियों को पहचानो। अभी भी सुधरने का समय है। बेहतर इंसान बनो, क्योंकि यही असली जिंदगी है।’
‘ सोनू सूद चैरिटी फाउंडेशन’ की शुरुआत – सोनू सूद ने समाजसेवा के काम में एक नई मिसाल पेश की है। कोरोना महाकाल के समय हर जरूरतमंद और अपने घरों से दूर काम कर रहे लोगों की मदद के बाद पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद की। हाल ही में उन्होंने ‘ सोनू सूद चैरिटी फाउंडेशन’ की शुरुआत की जिसका का मुख्य उद्देश्य भारत और यहां की महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से मुक्त करवाना है।
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