
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में हुई तनातनी में तुर्की की नीयत एक बार फिर साफ हो गई है। तुर्की ने खुलकर इसमें पाकिस्तान का साथ दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर बॉयकॉट तुर्की अभियान चल रहा है। तुर्की का भारत की एविएशन इंडस्ट्री के साथ पुराना साथ रहा है।
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में हुए संघर्ष में कई देशों ने खुलकर हमारे दुश्मन का साथ दिया था। इनमें तुर्की का नाम सबसे ऊपर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तुर्की ने पाकिस्तान को हथियारबंद ड्रोन और उन्हें चलाने वाले लोग दिए थे। पाकिस्तान की तरफ से भारत पर कई ड्रोन हमले किए गए। हालांकि भारतीय सशस्त्र बलों ने इन्हें नाकाम कर दिया। लेकिन तुर्की की इस हरकत पर पूरे देश में रोष है और सोशल मीडिया पर बॉयकॉट तुर्की अभियान चलाया जा रहा है। तुर्की का भारत के एविएशन सेक्टर से पुराना नाता है। भारत की सबसे बड़ी कंपनी इंडिगो का टर्किश एयरलाइंस के साथ कोडशेयर अरेंजमेंट है। साथ ही दूसरी कंपनियों के भी टर्किश एयरलाइन के साथ संबंध रहे हैं।
तुर्की की एक कंपनी सेलेबी एविएशन देश के नौ एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा का काम देखती है। इनमें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े हवाई अड्डे भी शामिल हैं। यह कंपनी भारत में सालाना 58,000 उड़ानों को मैनेज करती है। तुर्की की यह कंपनी भारत में कई तरह के काम करती है। इनमें ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो मैनेजमेंट और एयरपोर्ट से जुड़े कई दूसरे ऑपरेशंस शामिल हैं। ये सभी काम बहुत ही संवेदनशील माने जाते हैं क्योंकि एयरपोर्ट का माहौल बहुत ही सुरक्षित और नियमों से बंधा होता है। सुरक्षा में जरा सी भी चूक भारी पड़ सकती है।
सीधे विमानों से संपर्क – सेलेबी के कर्मचारी एयरपोर्ट्स के उन क्षेत्रों में काम करते हैं जहां सुरक्षा बहुत कड़ी होती है। वे सीधे तौर पर विमानों के संपर्क में आते हैं। कंपनी के कर्मचारी कार्गो और यात्रियों के सामान का भी ध्यान रखते हैं जिसमें अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने-जाने वाला सामान भी शामिल है। इसी बात से आप समझ सकते हैं कि कंपनी के हवाले कितना अहम काम है। पाकिस्तान के साथ तुर्की की करीबी को देखते हुए सेलेबी का भारत के कई महत्वपूर्ण हवाई अड्डों पर काम करना भी खतरे की घंटी हो सकता है।
सेलेबी एविएशन भारत में इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइनों को सेवाएं देती है। सेलेबी ने साल 2008 में भारत में एंट्री की थी। सेलेबी ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक जॉइंट वेंचर के साथ भारत में प्रवेश किया था। इसे ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं प्रदान करने का काम सौंपा गया था। तबसे उसने भारत में अपने कामकाज को काफी बढ़ा दिया है। एक साल के भीतर कंपनी ने भारत में दो कंपनियों के तहत अपना कामकाज आधिकारिक रूप से पंजीकृत कराया। इनमें एक कंपनी ग्राउंड हैंडलिंग के लिए और दूसरी कार्गो सर्विसेज के लिए थी।
Home / Uncategorized / पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की के भरोसे है दिल्ली-मुंबई एयरपोर्ट्स की सुरक्षा! थोड़ी सी चूक पड़ सकती है भारी
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