
मेक्सिको सिटी। पुरातत्वविदों ने मेक्सिको को युकातान प्रायद्वीप के नीचे दुनिया की सबसे बडी गुफा की खोज की है। 14 साल की कडी मेहनत और सैकडों घंटे की गोताखोरी करने के बाद इसका पता चला है। यह खोज एक अविश्वसनीय पुरातात्विक स्थल की पहचान दर्शाती है, जो लुप्त हो चुकी माया सभ्यता की कहानियों और अनुष्ठानों को उजागर करती है।
द ग्रेट माया एक्विफर (गैम) परियोजना की टीम ने सैक एक्तन और दोस ओजोस की गुफाओं को खोजने और मेक्सिको के युकातान प्रायद्वीप के तुलम में रहस्यमयी जल क्षेत्र के अध्ययन पर कई साल लगाए। जानकारी के अनुसार वे अब दो गुफाओं को एक साथ जोडऩे में सक्षम हैं।
गुफा बनाने का नियम यह है कि जब दो गुफाएं जुड़ती हैं, तो बड़ी गुफा में छोटी गुफा समाहित हो जाती है। इसका मतलब यह है कि सैक एक्तन को सबसे बड़ी गुफा के रूप में जाना जाएगा। 347 किलोमीटर तक फैली गुफा का रास्ता उलझनभरा व भूलभूलैया जैसा है। इसमें खूबसूरत कंदराएं हैं।
हर गोते में गोताखोरों के सामने सुरक्षित वापस लौटने की चुनौती थी। पानी से भरा गुफाओं में रास्ता भटके या ऑक्सीजन खत्म होने पर अक्सर गोताखोर मारे जाते है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि 10,000 से 12,000 साल पहले इन गुफाओं का इस्तेमाल माया साम्राज्य किया करता था। इसी वजह से प्रोजेक्ट को ग्रेट माया एक्विफर नाम दिया गया है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एंथ्रोपोलॉजी एंड हिस्ट्री के शोधकर्ता व गैम के निदेशक गुइलेरमो डे आंदा ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य सैक एक्तन को तीन अन्य स्थानीय पानी के नीचे वाली गुफाओं से जोडना है।
डे आंदा ने कहा कि यह विशाल गुफा दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण जलमग्न पुरारात्विक स्थल को दर्शाता है, क्योंकि इसमें सौ से अधिक पुरातात्विक प्रसंग निहित हैं।
डे आंदा ने कहा कि इस प्रणाली के साथ हमने अमेरिका में पहले बसने वाले लोगों, विलुप्त जीवों और माया संस्कृति के साक्ष्य प्रमाणित किए हैं।
माया सभ्यता के लोग अपनी गुफाओं को ईश्वर से संपर्क साधने का स्थल मानते थे, इसलिए यह बेहद महत्वपूर्ण खोज है।
347 किलोमीटर तक फैली गुफा का रास्ता उलझनभरा व भूलभूलैया जैसा है। इसमें खूबसूरत कंदराएं हैं।
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