
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता से जाते-जाते विवादों में घिर गए थे। उनके समर्थकों ने अमेरिकी संसद पर हमला कर दिया था। वाइट हाउस के एक पूर्व सहयोगी ने मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस कमेटी को बताया कि 6 जनवरी, 2021 को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हथियारबंद समर्थकों की भीड़ को यूएस कैपिटल भेजा था। 6 जनवरी, 2021 को हजारों लोगों ने, जिनमें ज्यादातर ट्रंप के समर्थक बताए जा रहे है, वाशिंगटन डीसी में कैपिटल पर हमला किया था।
ट्रंप समर्थक उनके चुनाव हारने से नाराज थे। इस घटना ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव परिणामों की पुष्टि करने की प्रक्रिया में कांग्रेस के संयुक्त सत्र को बाधित कर दिया था। वाइट हाउस के पूर्व चीफ आफ स्टाफ मार्क मीडोज के सहयोगी कैसिडी हचिंसन ने एक महत्वपूर्ण गवाही दी और इस बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, ‘ट्रंप जानते थे कि भीड़ सशस्त्र थी। लेकिन न तो उन्होंने और न ही उनके सहयोगियों ने दंगाइयों को रोकने की कोशिश की।’
भीड़ में शामिल होना चाहते थे ट्रंप : हचिंसन ने कहा, ‘ट्रंप चाहते थे कि सुरक्षा उपकरण हटा दिए जाएं ताकि उनके अधिक से अधिक समर्थक रैली में पहुंच सकें। वे हथियारबंद थे, लेकिन इससे उनको कोई चिंता नहीं थी, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाएगा।’ हचिंसन ने कहा कि ट्रंप 6 जनवरी 2021 को कैपिटल जाना चाहते थे। वे कैपिटल हिल पर मार्च करने वाली भीड़ में शामिल होना चाहते थे। लेकिन जब उन्हें सुरक्षाबलों ने बताया कि वह वहां पर नहीं जा सकते तो पूर्व राष्ट्रपति ने वाहन के स्टीयरिंग व्हील को पकड़ लिया और सुरक्षाबलों के सिर को जोर से हिलाने लगे।
‘ट्रंप ने खुद पकड़ लिया स्टीयरिंग’ : हचिंसन ने बताया, ‘राष्ट्रपति ने मुझसे गुस्से में कहा मैं राष्ट्रपति हूं और मुझे कैपिटल लेकर चलो। इस पर सुरक्षा विस्तार प्रमुख ने कहा, ‘सर, हमें वेस्ट विंग में वापस जाना होगा’।’ उन्होंने बताया, ‘इससे गुस्साए ट्रंप ने आगे बढ़कर स्टीयरिंग व्हील को मोड़ने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा विभाग के प्रमुख ने ट्रंप का हाथ पकड़ लिया और कहा कि हम किसी भी कीमत पर कैपिटल हिल नहीं जाने वाले।’
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