
लंदनः ब्रिटेन के बोनहम्स में हुई नीलामी दौरान महाराजा रंजीत सिंह की सबसे छोटी पत्नी व पंजाब की आखिरी सिख महारानी जिंद कौर के झुमके एक लाख 75 हजार पौंड (करीब 1.6 करोड़ रुपए) में बिके। नीलामी घर बोनहम्स ने इनके 27 लाख रुपए तक में बिकने का अनुमान लगाया था लेकिन यह धरोहर करीब छह गुना अधिक कीमत पर बिकी।
1839 में महाराजा रंजीत सिंह की मृत्यु होने पर उनकी अन्य रानियों ने जौहर कर लिया था लेकिन जिंद कौर ने ऐसा करने की जगह पंजाब की गद्दी संभाली। 1843 में उनके 5 वर्षीय बेटे दलीप सिंह को नया राजा और उन्हें राज्य की संरक्षक घोषित किया गया। लेकिन ब्रिटिश हुकूमत ने पंजाब को अपने कब्जे में कर रानी को उनके बेटे से अलग कर बंदी बना लिया।
इसी दौरान कोहिनूर हीरे के साथ रानी के आभूषण भी ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया को तोहफे के तौर पर सौंप दिए गए। 1861 में जब रानी इंग्लैंड आईं तो झुमके सहित अन्य आभूषण उन्हें लौटा दिए गए। 1863 में उनका निधन हो गया था। इस्लामिक एंड इंडियन आर्ट के प्रमुख ओलिवर ह्वाइट ने कहा, ‘आभूषण का इतने अधिक दाम में बिकना इसके महत्व को दर्शाता है। ये झुमके उस साहसी महिला की निशानी हैं, जिसने अपने राज्य और निजता की हार को भी पूरी गरिमा और दृढ़ता से सहन किया।’
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