
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में रह रहे 1.8 करोड़ लोग अगले तीन महीने में गंभीर भुखमरी की स्थिति का सामना करेंगे। विश्व निकाय ने इसके लिए यूक्रेन-रूस युद्ध, कोरोना वायरस महामारी, जलवायु परिवर्तन के असर और कीमतों में वृद्धि को जिम्मेदार ठहराया है। संयुक्त राष्ट्र के एक पदाधिकारी ने बताया कि भुखमरी की वजह से प्रभावित इलाके से और लोग पलायन करने को मजबूर होंगे। मानवीय मामलों में समन्वय कार्यलय ने शुक्रवार को कहा कि बड़ी संख्या में इलाके के लोग वर्ष 2014 से ही गंभीर भुखमरी के खतरे का सामना कर रहे हैं।
इन चार देशों में स्थिति काफी चिंताजनक : चार देशों, बुर्किना फासो, चाड, माली और नाइजर की चिंताजनक स्थिति है। कार्यालय के मुताबिक इन चार देशों की 1.7 करोड़ आबादी खाद्य सुरक्षा को लेकर आपात स्थिति का सामना कर रही है। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रवक्ता टॉमसन फिरी ने कहा कि साहेल क्षेत्र अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान के दक्षिण में अवस्थित है और करीब एक दशक से बदतरर कृषि उत्पादन का सामना कर रहा है।
गर्मी की शुरुआत में और गंभीर होगा संकट : संयुक्त राष्ट्र ने आशंका जताई है कि गर्मी की शुरुआत में खाद्यान्न की कमी से स्थिति और खराब होगी। जिनेवा में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि निश्चित तौर पर स्थिति बेहतर होने से पहले और खराब होगी। हम देख सकते हैं कि और लोग पलायन करने की कोशिश करेंगे। इसकी बहुत संभावना है।
उत्तर कोरिया में भी भुखमरी की चेतावनी : मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत टॉमस ओजेआ क्विंटाना ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा कि सामान्य उत्तर कोरियाई नागरिक गरिमा का जीवन जीने के लिए दिन-प्रतिदिन संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तर कोरिया में लगातार बिगड़ती मानवीय स्थिति गंभीर संकट में बदल सकती है। क्विंटाना ने कहा कि गंभीर खाद्य संकट की स्थिति में उत्तर कोरिया के सबसे कमजोर लोगों की रक्षा के लिए प्रतिबंधों में ढील दी जानी चाहिए।
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