
नवंबर 2012 में चीन में सत्ता परिवर्तन हुआ और तत्कालीन राष्ट्रपति हूं जिंताओ की जगह शी जिनपिंग को कमान सौंपे जाने पर फैसला किया गया। जिनपिंग उस देश के राष्ट्रपति बने जिसने आर्थिक सुधारों का एक दौर देखा और जहां पर सेंसरशिप सबसे ऊपर थी। उनके राष्ट्रपति बनने के बाद ब्रिटिश मीडिया ने लिखा, ‘एक बड़ी पर्सनाल्टी’ जिनपिंग अब देश की कमान संभालेंगे। उनकी उम्र उस समय सिर्फ 59 साल थी और आज वह 69 साल की हैं। एक दशक में चीन ने किस तरह से अंतरराष्ट्रीय राजनीति को बदला है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। जिनपिंग और चीन के बिना अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और राजनीति की कल्पना करना असंभव है। शांत से दिखने वाले जिनपिंग कब कौन सी चाल चल जाएंगे, कोई नहीं जानता। आज हम आपको उनकी पर्सनाल्टी के बारे में बताते हैं। इसे पढ़कर आप जान जाएंगे कि चीनी राष्ट्रपति आखिर ऐसे क्यों हैं।
तो यह है उनका पर्सनाल्टी टाइप : मायर्स-ब्रिग्स टाइप इंडीकेटर (MBTI) एक बहुत ही सफल पर्सनाल्टी टेस्ट है। सेना में आने वाले हर ऑफिसर को इस टेस्ट से गुजरना और इसे पास करना बहुत जरूरी होता है। मायर्स-ब्रिग्स इंडीकेटर में पर्सनाल्टी यानी व्यक्तित्व के 16 प्रकार बताए गए हैं और इनमें से ही एक है ISTJ यानी Introverted, Sensing, Thinking, Judging यानी ऐसा व्यक्ति जो अंर्तमुखी है, संवदेनाओं से भरा है, सोचता बहुत है और जिसमें आंकने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है। शी जिनपिंग इसी पर्सनाल्टी टाइप के इंसान हैं और यह पुरुषों में एक कॉमन पर्सनाल्टी टाइप है।
इसलिए ऐसे फैसले लेते हैं जिनपिंग : इस पर्सनाल्टी के बारे में मनोवैज्ञानिक कार्ल जंग के एक प्रयोग के बाद पता लगा था। यह तीसरी सबसे कॉमन पर्सनाल्टी है। जिनपिंग जिस पर्सनाल्टी के राजनेता हैं उसके तहत वह नियमों और सिद्धांतों पर अपने रिश्ते बनाते हैं। वह किसी भी राजनेता या किसी देश के साथ रिश्ते बनाते समय यह हमेशा सोचते हैं कि इससे उनका क्या फायदा होगा। यही बात उनके फैसलों में झलकती है।
जिनपिंग इसलिए ऐसे इंसानों को ही पसंद करते हैं, जो उनकी बातों को मानने में यकीन रखते हैं। वह काफी प्रैक्टिकल और लॉजिकल फैसले लेते हैं और यह इस पर्सनाल्टी टाइप का सबसे बड़ा गुण है। वह हमेशा चाहते हैं कि उन्हें बराबरी के साथ रखा जाए और पूरा सम्मान न मिले। ऐसा न होने पर वह नाखुश हो जाते हैं।
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