Thursday , February 26 2026 10:07 PM
Home / Lifestyle / तुलसी का पौधा सूख जाए तो कौनसा नमक डालना चाहिए? यूनिक फार्मिंग से मिला दोबारा हरा-भरा बनाने का आसान तरीका

तुलसी का पौधा सूख जाए तो कौनसा नमक डालना चाहिए? यूनिक फार्मिंग से मिला दोबारा हरा-भरा बनाने का आसान तरीका


आंगन में लगी तुलसी अगर सूखने लगे तो न केवल घर की शोभा कम होती है, बल्कि इसे धार्मिक दृष्टि से भी शुभ नहीं माना जाता है। अब अगर आपने तुलसी में नमक डालने के नुस्खे के बारे में सुना है तो यह जान लीजिए कि, तुलसी का पौधा सूख जाए तो कौनसा नमक डालना चाहिए। इसका जवाब है कि आपको साधारण नमक नहीं, बल्कि एप्सम सॉल्ट का उपयोग करना है जिसका वैज्ञानिक नाम मैग्नीशियम सल्फेट है।
अक्सर लोग तुलसी के सूखने पर उसे हटा देते हैं, लेकिन अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। यूनिक फार्मिंग सोशल मीडिया अकाउंट से इस आसान तरीके को शेयर किया गया है, जिससे मरता हुआ पौधा भी दोबारा पनप सकता है। एप्सम सॉल्ट मिट्टी को जरूरी पोषक तत्व देता है।
क्या होता है एप्सम सॉल्ट? – अक्सर लोग इसे साधारण खाने वाला नमक समझ लेते हैं, लेकिन यह उससे बिल्कुल अलग है। एप्सम सॉल्ट का वैज्ञानिक नाम मैग्नीशियम सल्फेट है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम पौधे को क्लोरोफिल बनाने में मदद करता है, जिससे पत्तियों का रंग गहरा हरा होता है। वहीं सल्फेट पौधे को जरूरी पोषक तत्व सोखने की शक्ति देता है। ध्यान रहे, यहां साधारण नमक का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, क्योंकि वह पौधे को जला सकता है।
सही मात्रा और मिश्रण तैयार करना – तुलसी के पौधे के लिए एप्सम सॉल्ट का इस्तेमाल बहुत ही सावधानी से करना चाहिए। माली के अनुसार, एक लीटर साफ पानी में केवल एक छोटा चम्मच एप्सम सॉल्ट डालें। इसे तब तक हिलाएं जब तक कि नमक पूरी तरह पानी में घुल न जाए। यह एक शक्तिशाली प्लांट टॉनिक की तरह काम करता है जो सीधे जड़ों तक पहुंचकर उन्हें पोषण देता है।
इस्तेमाल करने का सही तरीका – तैयार घोल को सीधे तुलसी के गमले की मिट्टी में डालें। डालते समय ध्यान रखें कि मिट्टी बहुत ज्यादा सूखी न हो, हल्का मॉइस्चर होना अच्छा रहता है। इसके अलावा, आप घोल को एक स्प्रे बोतल में भरकर पत्तियों पर छिड़काव भी कर सकते हैं। इससे पौधा सीधे अपनी पत्तियों के छिद्रों से मैग्नीशियम सोख लेता है और परिणाम जल्दी दिखने लगते हैं।
मिट्टी की गुड़ाई है जरूरी – नमक वाला पानी डालने से पहले गमले की मिट्टी को किसी छोटी खुरपी या औजार से हल्का-हल्का खोद लें। मिट्टी को ऊपर-नीचे करने से उसमें हवा और ऑक्सीजन अच्छे से पहुंच जाती है। ऐसा करने के बाद जब आप एप्सम सॉल्ट का पानी डालते हैं, तो वह सीधा जड़ों की गहराई तक पहुंच जाता है। इससे मिट्टी नरम हो जाती है और सूखा हुआ पौधा फिर से बढ़ने लगता है।
कहां मिलेगा एप्सम सॉल्ट – एप्सम सॉल्ट खरीदना बहुत आसान है। यह आपको नजदीकी खाद-बीज की दुकान या हार्डवेयर स्टोर पर मिल जाएगा। इसके अलावा, यह मेडिकल स्टोर पर भी उपलब्ध होता है क्योंकि इसका उपयोग दर्द निवारक के रूप में भी किया जाता है। अगर आप घर बैठे मंगाना चाहते हैं, तो ऑनलाइन साइट्स से किफायती दाम पर ‘Garden Grade Epsom Salt’ के नाम से ऑर्डर कर सकते हैं।
सूखने के अन्य कारणों की जांच – सिर्फ नमक डालना ही काफी नहीं है, आपको यह भी देखना होगा कि तुलसी सूख क्यों रही है। अगर पौधे पर मंजरी ज्यादा आ गई हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें, क्योंकि मंजरी पौधे की पूरी ऊर्जा सोख लेती है। साथ ही, फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए मिट्टी में थोड़ी सी नीम खली या हल्दी पाउडर भी मिला सकते हैं।
धूप और पानी का बैलेंस – एप्सम सॉल्ट का उपचार करने के बाद पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे 4-5 घंटे की सुबह की धूप मिले। दोपहर की तेज धूप से इसे बचाएं। पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी महसूस हो। ज्यादा सिंचाईसे जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए पानी और धूप का सही बैलेंस ही एप्सम सॉल्ट के असर को दोगुना करेगा।