
जिम्बाब्वे की खेल मंत्री क्रिस्टी कावेंट्री ने शुक्रवार को क्रिकेट मामलों में सरकारी हस्तक्षेप से इन्कार किया और कहा कि जिस आयोग ने जिम्बाब्वे क्रिकेट (जेडसी) को भंग किया वह ‘सार्वजनिक संस्था’ है। आईसीसी ने गुरुवार को जिम्बाब्वे क्रिकेट को विश्व की सर्वोच्च क्रिकेट संस्था के संविधान का उल्लंघन करने के लिए निलंबित कर दिया था। इस फैसले के बाद देश के प्रभावित क्रिकेटरों के प्रति लोगों की सहानुभूति उभर आई है।
जिम्बाब्वे के खेल एवं मनोरंजन आयोग (एसआरसी) ने जून में जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड को निलंबित कर दिया था और देश में क्रिकेट संचालन के लिए अंतरिम समिति गठित की थी। यही कारण था कि आईसीसी ने जिम्बाब्वे क्रिकेट को निलंबित किया। दो बार की ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता तैराक कावेंट्री ने इस संबंध में कई ट्वीट किए। उन्होंने कहा, ‘किसी तरह का सरकारी हस्तक्षेप नहीं है @आईसीसी।’ कावेंट्री ने कहा कि देश में खेल के संचालन के लिए सुशासन की जरूरत थी।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘मैं बहुत परेशान हूं कि आईसीसी के फैसले से जिम्बाब्वे के खिलाड़ी प्रभावित होंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के लिए जेडसी में सुशासन की जरूरत है। इसको लेकर किए गए किसी भी फैसले का असर खिलाड़ियों पर नहीं पड़ना चाहिए।’ कावेंट्री ने आगे लिखा है, ‘खेल मंत्री ने एसआरसी बोर्ड गठित किया (आईसीसी इसके सरकारी हस्तक्षेप नहीं मानती)। एसआरसी सरकार नहीं है, वह सार्वजनिक संस्था है।’ अपने अंतिम ट्वीट में उन्होंने कहा कि वह पुरूष और महिला दोनों टीमों के कप्तानों से मुलाकात करेंगी।
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