
भारत और चीन सीमा विवाद के बाद आपसी भरोसा बहाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष के साथ मुलाकात में 2020 के सीमा संघर्षों से सबक लेने पर जोर दिया। दोनों देशों ने संघर्ष के बजाय सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर समझौते के बाद चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी की चाइनीज राष्ट्रपति से रूस के कजान में मुलाकात के बाद से बदलाव दिख रहा है। विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से ब्राजील में जी-20 से इतर मुलाकात की थी। अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात की। इन मुलाकातों में जो एक बात कॉमन है, वो है चीन का बदला सुर। अमेरिकी चुनाव में ट्रंप की जीत का डर चीन पर साफ नजर आ रहा है।
‘दुर्भाग्यपूर्ण सीमा संघर्षों’ से सबक ले चीन – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष दोंग जून के साथ वार्ता के दौरान 2020 के ‘दुर्भाग्यपूर्ण सीमा संघर्षों’ से सबक लेने का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून के साथ अत्यंत उपयोगी बैठक हुई। हम आपसी विश्वास और समझ के पुनर्निर्माण के लिए एक रोडमैप की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमत हुए।
भारत और चीन ने पारस्परिक विश्वास एवं समझ की बहाली के लिए एक रोडमैप की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की मुलाकात लाओस की राजधानी विएंतियाने में हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कुछ सप्ताह पहले ही भारतीय और चीनी सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख में दो अंतिम टकराव स्थलों से सैनिकों की वापसी पूरी की है।
विश्वास और समझ के साथ बढ़ें आगे – रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष पारस्परिक विश्वास और समझ की बहाली के लिए एक रोडमैप की दिशा में मिलकर काम करने पर सहमत हुए। इसने कहा कि प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों का वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मंत्रालय ने कहा कि यह देखते हुए कि दोनों देश पड़ोसी हैं और बने रहेंगे, उन्होंने कहा कि हमें संघर्ष के बजाय सहयोग पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।”
एलएसी पर शुरू हुई गश्त – सिंह और दोंग की मुलाकात 10 देशों के आसियान समूह और इसके कुछ संवाद साझेदारों के सम्मेलन से इतर हुई। भारतीय और चीनी सेनाओं ने पिछले महीने के अंत में पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग से सैनिकों के वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। इससे पहले दोनों पक्षों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कई वार्ताओं के बाद समझौता हुआ था। दोनों पक्षों ने लगभग साढ़े चार वर्ष के अंतराल के बाद दोनों क्षेत्रों में गश्त भी शुरू कर दी।
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