
सऊदी अरब में इस वर्ष भीषण गर्मी के कारण हज यात्रा के दौरान दुनिया भर से आए 1000 से अधिक हज यात्रियों की मौत हो गई, जिनमें कम से कम 35 पाकिस्तानी तीर्थयात्री शामिल हैं। सरकार ने इसकी पुष्टि की है। पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि इस वर्ष अत्यधिक गर्मी और खराब मौसम के कारण हज यात्रा चुनौतीपूर्ण थी, तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था। सऊदी अरब के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि सोमवार को मक्का की मस्जिद-ए-हरममें तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
पाकिस्तान हज मिशन के महानिदेशक अब्दुल वहाब सूमरो ने बुधवार को बताया कि खबर के अनुसार 18 जून तक कुल 35 पाकिस्तानी हज यात्रियों की मौत हुई हैं। डॉन अखबार में सूमरो के हवाले से कहा गया कि मक्का में 20, मदीना में छह, मीना में चार, अराफात में तीन और मुजदलिफा में दो लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सऊदी सरकार ने हरमैन में दफनाने की व्यवस्था की है और अगर कोई पाकिस्तानी हजयात्री मांग करे तो उसके शव को उसके उत्तराधिकारियों के माध्यम से वापस देश भेजने के भी प्रबंध किए गए हैं।
सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर मौतों की जानकारी नहीं दी है, हालांकि उसने सिर्फ रविवार को ही ‘‘भीषण गर्मी” से निढाल होने वालों के 2700 से अधिक मामलों की सूचना दी है। सूमरो ने आम नागरिकों से हज यात्रियों की कठिनाइयों के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही पोस्टों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि यह वास्तविक नहीं है।
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