
हमलावरों ने रविवार को अदन के तटीय क्षेत्र के पास इजराइल से संबंधित एक टैंकर को बंधक बना लिया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। टैंकर के चालक दल के सदस्यों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। किसी भी समूह ने टैंकर को बंधक बनाने की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हाल के दिनों में कम से कम दो अन्य समुद्री हमलों को इजराइल-हमास युद्ध से जोड़ा गया है। कंपनी और निजी जासूसी फर्म ‘एम्बरे’ ने बताया कि हमलावरों ने जॉडियक मैरीटाइम की ओर से संचालित टैंकर ‘सेंट्रल पार्क’ को अदन की खाड़ी में बंधक बनाया है।
एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने भी टैंकर को बंधक बनाए जाने की पुष्टि की है। जॉडियक ने समुद्री लुटेरों की ओर से हमला किए जाने की आशंका जताई है। कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘हमारी प्राथमिकता टैंकर पर सवार चालक दल के 22 सदस्यों की सुरक्षा है। चालक दल में भारतीय, तुर्किये, रूस, वियतनाम, बुल्गारिया, जॉर्जिया और फिलीपीन के नागरिक शामिल हैं।’ लंदन की कंपनी जॉडियक मैरीटाइम इजराइली अरबपति ईयाल ओफर के जॉडियक समूह का हिस्सा है।
हमले के पीछे कौन – यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि हमले के पीछे किसका हाथ है। निकटवर्ती अदन पर यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार से संबद्ध बलों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का नियंत्रण है, जो वर्षों से यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से लड़ रहा है। अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अज्ञात बंधूकधारियों ने टैंकर पर कब्जा कर लिया है। अधिकारी ने कहा, ‘अमेरिका और गठबंधन सेनाएं आसपास हैं और हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।’
पहले भी जहाज बनाए गए निशाना – ईरान और इजराइल के बीच वर्षों से जारी शीतयुद्ध के बीच जॉडियक मैरीटाइम को पहले भी निशाना बनाया गया है। 2021 में एक ड्रोन के जरिये जॉडियक के तेल टैंकर ‘मर्कर स्ट्रीट’ पर हमला किया गया था, जिससे चालक दल के दो सदस्यों की मौत हो गई थी। अमेरिका तथा अन्य पश्चिमी देशों का मानना था कि हमले के लिए ईरान जिम्मेदार था। ब्रिटिश सेना के ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ ने हाल में नाविकों को क्षेत्र में सेना जैसी वर्दी पहने हुए करीब आठ लोगों को एक जहाज पर सवार होकर घूमते हुए दिखाई दिए जाने के संबंध में आगाह किया था।
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