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25 सैनिकों की मौत पर तिलमिलाया पाकिस्तान, अफगान राजदूत को तलब कर तालिबान को धमकाया


पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा सूबे के डेरा इस्माइल खान में आतंकवादी हमलों में 25 सैनिकों की मौत हुई है। ये मौतें तीन अलग-अलग आतंकवादी हमलों में हुई हैं। पाकिस्तानी सेना के प्रॉपगैंडा विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। आईएसपीआर का दावा है कि इन हमलों में 27 आतंकवादियों को भी मार गिराया गया है। इन हमलों की जिम्मेदारी तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान (TJP) ने ली है। एक दिन में इतने बड़े पैमाने पर सैनिकों की मौत से पाकिस्तान बौखला गया है। उसने अफगानिस्तानी दूतावास के इंचार्ज को बुलाकर आतंकवादी हमलों पर तीखा विरोध जताया है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को भी दो टूक चेतावनी दी है।
आईएसपीआर ने क्या कहा – आईएसपीआर के अनुसार, 11 और 12 दिसंबर की रात को डेरा इस्माइल खान जिले में आतंकवादियों की गतिविधियों में इजाफा देखा गया। उसने बताया कि आज तड़के छह आतंकवादियों के एक समूह ने दरबान जनरल इलाके में सुरक्षा बलों की एक जांच चौकी पर हमला किया। पोस्ट में प्रवेश करने के प्रयास को विफल कर दिया गया, जिससे आतंकवादियों को विस्फोटक से भरे वाहन को पोस्ट में घुसाने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद एक आत्मघाती बम हमला हुआ। इस कारण हुए विस्फोट से इमारत ढह गई जिसमें कई लोग हताहत हुए। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के 23 सैनिक मारे गए, जबकि सभी छह आतंकवादियों को मार गिराया गया।
टीजेपी ने ली हमले की जिम्मेदारी – तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से संबद्ध एक नए समूह तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान (टीजेपी) के प्रवक्ता ने अपने दावे में कहा कि इस हमले में लक्की, डेरा इस्माइल खान, स्वात और मर्दन जिलों के चार हमलावरों ने हमले में हिस्सा लिया। पाकिस्तान हाल ही में आतंकवादी हमलों में अफगानों की संलिप्तता का दावा करता रहा है। इस बीच, आईएसपीआर ने कहा कि डेरा इस्माइल खान के दाराजिंदा इलाके में एक अलग खुफिया ऑपरेशन में 17 आतंकवादी मारे गए। इसमें आगे कहा गया कि कुलाची क्षेत्र में एक अन्य खुफिया ऑपरेशन में दो सैनिक मारे गए, जबकि चार और आतंकवादियों को मार गिराया गया। इस वर्ष आतंकवादी हमलों में पाकिस्तानी सेना की ओर से एक दिन में मरने वालों की यह सबसे अधिक संख्या है।
पाकिस्तान ने अफगान राजनयिक को तलब किया – इन हमलों से तिलमिलाए पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के राजदूत को बुलाकर तालिबान को कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि विदेश सचिव ने आज के घातक आतंकवादी हमले के संदर्भ में पाकिस्तान का कड़ा विरोध जताने के लिए अफगान प्रभारी डी’एफ़ेयर को बुलाया था। अफगान प्रभारी डी’एफेयर को अंतरिम अफगान सरकार को यह बातें तुरंत बताने के लिए कहा गया था;
हाल के हमले के अपराधियों के खिलाफ पूरी जांच करें और कड़ी कार्रवाई करें;
उच्चतम स्तर पर आतंकवादी घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा करें;
सभी आतंकवादी समूहों (उनके नेतृत्व सहित) और उनके पनाहगाहों के खिलाफ तत्काल सत्यापन योग्य कार्रवाई करें;
हमले के अपराधियों और अफगानिस्तान में टीटीपी नेतृत्व को पकड़कर पाकिस्तान सरकार को सौंप दिया जाए; और
पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए अफगान धरती के लगातार इस्तेमाल को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय करें।
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने क्या कहा – पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि आज का आतंकवादी हमला क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए आतंकवादी खतरे की एक और याद दिलाता है। हमें इस खतरे को हराने के लिए अपनी पूरी सामूहिक शक्ति के साथ दृढ़तापूर्वक कार्य करना चाहिए। अपनी ओर से, पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। सरकारी रेडियो पाकिस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि सुरक्षा बल इस तरह के कायरतापूर्ण कृत्यों से हतोत्साहित नहीं होंगे।