
पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने कहा है कि उनका देश कश्मीर का एक स्थायी हल और पूरे दक्षिण एशिया में अमन चाहता है। भारत की ओर इशारा करते हुए काकर ने कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं लेकिन किसी को भी शांति के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को कम नहीं आंकना चाहिए। हमारी शांति की इच्छा को कमजोरी या आक्रामकता का सामना करने की अनिच्छा के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। काकर ने भारत सरकार के कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म करने और भारतीय सुप्रीम कोर्ट के उसे बरकरार रखने को लेकर भी काफी आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया है।
अनवारुल हक काकर ने पीओके के मुजफ्फराबाद में कहा, पाकिस्तान ऐसा देश नहीं है जो युद्ध चाहता है। साथ ही हम ये भी कह दें कि अगर कोई हमें कमजोर या झिझकने वाला समझता है, तो उन्हें अपनी गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए। पीओके पर भारत के हमले और उसके विलय से जुड़े सवाल पर काकर ने कहा, ये जमीनी हकीकत से दूर की बातें हैं। उन्होंने कहा, कोई भी इस तरह के काम को नहीं कर सकता है, ये एक मूर्खतापूर्ण कदम होगा। इसमें अफवाह से ज्यादा कुछ नहीं है। मुजफ्फराबाद गाजा नहीं है और नई दिल्ली तेल अवीव नहीं है। किसी को भी हमारे बच्चों को नुकसान पहुंचाने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए।
काकर ने कहा कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का स्टैंड बदलने की बातें सीमा पार से उड़ाई हुई अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कश्मीर को लेकर भारत के साथ तीन युद्ध लड़े हैं। हमारा कश्मीर पर कोई स्टैंड नहीं बदला है। पाकिस्तान की कश्मीर पर अपनी सैद्धांतिक स्थिति है, जिस पर लवह कायम है। पीओके और जम्मू कश्मीर के बीच एक गलियारे होने के सवाल पर काकार ने काह कि कश्मीरियों की आवाजाही पर भारत ने कई तरह के प्रतिबंध लगाए हुए हैं। गलियारे जैसी कोई संभावना केवल तभी तलाशी जा सकती हैं, जब कश्मीर का विवाद पूरी तरह हल हो जाए।
काकार ने गाजा में हमास और इजरायल के बीच चल रही लड़ाई पर कहा कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायली बलों की आक्रामकता निदंनीय है। गाजा हमारे दिलों के करीब है और इजराइल ने नफरत के अलावा कुछ नहीं कमाया है। काकार ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से गाजा में एक फील्ड अस्पताल भेजने और मानवीय सहायता दोगुनी करने का फैसला लिया गया है। काकर ने ये भी कहा कि गाजा में तत्काल युद्धविराम और मानवीय गलियारे की स्थापना की आवश्यकता है और इस मांग को पाकिस्तान लगातार उठा रहा है।
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