
भारत और मालदीव के बीच तनाव चल रहा है। इस बीच एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आई है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अगले कुछ सप्ताह में भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। मालदीव की ओर से जनवरी में ही मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा का प्रस्ताव रखा गया है। मुइज्जू ने पिछले साल नवंबर में पदभार संभाला था। सत्ता में आने के बाद से वह तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात का दौरा कर चुके हैं। फिलहाल सोमवार से वह अपनी चीन यात्रा पर हैं। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपतियों की सबसे पहले भारत यात्रा करने की परंपरा को मुइज्जू ने तोड़ा है। वियोन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक मुइज्जू सरकार के मंत्रियों की ओर से पीएम मोदी और भारत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी से पहले ये यात्रा प्रस्तावित थी।
मालदीव के राष्ट्रपति इस समय चीन की एक सप्ताह की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने फुजियान प्रांत में जियामेन मुक्त व्यापार क्षेत्र का दौरा किया। इसके आलावा उन्होंने चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों से मुलाकात की। साथ ही उन्होंने प्रमुख चीनी राजनीतिक नेताओं के साथ मीटिंग की। अपनी यात्रा के दौरान वह राष्ट्रति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुइज्जू भारत विरोध के जरिए मालदीव की सत्ता में आए हैं। इसके अलावा वह एक चीन समर्थक हैं।
मुइज्जू ने खराब किए भारत से संबंध – मालदीव की आबादी 5.2 लाख है। यहां राष्ट्रपति मुइज्जू ने अपना चुनाव प्रचार भारत विरोध के नाम पर किया है। सत्ता में आने के बाद ही उन्होंने भारत से अपने सैनिकों को वापस बुलाने को कहा था। इसके अलावा मोहम्मद मुइज्जू की सरकार ने भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक समझौते को नवीनीकृत नहीं किया है। हालांकि अब भारत और मालदीव के बीच संबंध मुइज्जू के मंत्रियों के कारण खराब हो रहे हैं। दरअसल पीएम मोदी हाल ही में लक्षद्वीप गए थे। उनकी इस यात्रा पर मालदीव के मंत्रियों ने आपत्तिजनक कमेंट किए थे, जिसके बाद दोनों देशों में तनाव है।
भारत हमेशा करता रहा है मालदीव की मदद – मालदीव की सरकार ने स्थिति को संभालने के लिहाज से तीनों मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया है। मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता संभालने से पहले भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीयसंबंध सकारात्मक रहे हैं। भारत ने मालदीव में कई तरह की सहायता परियोजनाओं के जरिए समर्थन दिया है। मालदीव को भारत ने तख्तापलट से बचाया। वहीं 2004 की सुनामी और 2014 में जल संकट के दौरान भारत सबसे पहले आगे आया। कोरोना काल में भी भारत ने वैक्सीन के जरिए मालदीव को मदद दी थी।
Home / News / भारत का सख्त रुख, अब दिल्ली आ सकते हैं मोहम्मद मुइज्जू, मालदीव ने दिया यात्रा का प्रस्ताव, तनाव होगा कम?
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