
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भीषण ठंड के चलते निमोनिया से 200 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई है। पंजाब सरकार ने शुक्रवार को मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि पिछले तीन हफ्तों में ये मौतें हुई हैं। पंजाब की कार्यवाहक सरकार के अनुसार, ज्यादातर मृत बच्चों को निमोनिया के टीके नहीं मिले थे, वे कुपोषित थे और अपर्याप्त स्तनपान के कारण उनकी बीमारी से लड़ने की ताकत कमजोर हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने 31 जनवरी तक पूरे प्रांत के स्कूलों में मॉर्निंग एसेंबली पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इस साल की शुरुआत से पंजाब में निमोनिया के 10,520 मामले सामने आए हैं। दर्ज की गई 220 मौतों में पांच साल से कम उम्र के बच्चे शामिल हैं, जिनमें से 47 मौतें राजधानी लाहौर में हुई हैं। पंजाब में टीकाकरण कार्यक्रम, ईपीआई के निदेशक मुख्तार अहमद ने कहा कि पाकिस्तान में शिशुओं को आमतौर पर जन्म के लगभग छह सप्ताह बाद उनका पहला निमोनिया रोधी टीका पीसीवी दिया जाता है।
दो साल की उम्र तक लगते हैं 12 टीके – ईपीआई की ओर से जन्म से लेकर दो साल की उम्र तक बच्चे को विभिन्न बीमारियों के खिलाफ 12 टीके लगाए जाते हैं, इनमें से तीन टीके बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए दिए जाते हैं। मुख्तार अहमद ने बच्चों में निमोनिया के मामलों में वृद्धि पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि निमोनिया बैक्टीरिया और वायरस दोनों के कारण हो सकता है। टीका लगाए गए बच्चे जीवाणु संक्रमण से सुरक्षित हैं लेकिन फिर भी वे वायरल निमोनिया से प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने वरिष्ठ डॉक्टरों से बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए निवारक उपाय अपनाने को कहा है। इसमें कहा गया है कि ठंड के मौसम में वृद्धि के कारण बच्चों में वायरल निमोनिया की बीमारी तेजी से बढ़ रही है और यह बीमारी कोरोना महामारी की तरह फैलती है।
Home / News / पाकिस्तान में तेजी से फैल रहे निमोनिया ने बढ़ाई चिंता, पंजाब में 200 से ज्यादा बच्चों की मौत
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