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उत्पात नहीं मचाएंगे’, इन शर्तों को मानने पर 8 विपक्षी सांसदों से हटा सस्पेंशन, बीजेपी का दो अहम समझौतों का दावा


संसद में निलंबित किए गए आठ सांसदों का निलंबन आज वापस ले लिया गया है। मंगलवार को संसद में प्रस्ताव लाकर इन सांसदों का निलंबन रद्द किया किया। साथ ही उन्हें चेतावनी भी दी गई कि आगे इस तरह का आचरण न अपनाए। सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर सहमति बनी थी। वहीं बीजेपी ने दावा किया है कि पक्ष और विपक्ष के बीच दो समझौते हुए हैं, जिसके तहत अब विपक्ष फर्जी बयानबाजी नहीं करेगा।
सभी 8 सांसदों का निलंबन रद्द होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि यह रद्द हो गया है।’
बीजेपी सांसद निशिकांत ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि आज सभी कांग्रेस पार्टी के सांसदों का निलंबन शायद वापस होगा। उन्होंने कहा, यह पहला समझौता हुआ कि विपक्ष के नेता अनर्गल, बेबुनियाद,तथ्यहीन,बकवास बातें सदन में नहीं करेंगे। उसके बदले मैं शांतिपूर्ण व्यवहार करूंगा।
वेल में सत्ता पक्ष की तरफ नहीं जाएंगे विपक्ष के सांसद – निशिकांत दुबे ने आगे बताया कि, दूसरा समझौता हुआ है कि वेल में विपक्ष के सांसद सत्ता पक्ष की तरफ नहीं जाएंगे, कागज नहीं फेंकेंगे, लोकसभा के मेज पर चढ़कर उत्पात नहीं मचाएंगे , लोकसभा के अधिकारियों के साथ अभद्रता नहीं करेंगे।
लोकतंत्र की मर्यादा बनी रहे,जनता ने हमें वाद विवाद के लिए संसद बनाया है ना कि उत्पात मचाने के लिए
निलंबित सांसदों को दी जाएगी हिदायत – सूत्रों के अनुसार, ऑल पार्टी मीटिंग में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सांसद शामिल हुए और बैठक में इस बात पर राय बनी थी कि सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए निलंबन को समाप्त किया जाना चाहिए। बैठक में यह भी तय हुआ था कि निलंबित सांसदों को आगे से सदन में मर्यादा बनाए रखने और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या अनुचित भाषा का प्रयोग न करने की हिदायत दी जाएगी।
मंगलवार को विपक्ष की ओर से संसद में 8 सांसदों का निलंबन समाप्त करने के लिए प्रस्ताव लाया गया, जिस पर सदन की सहमति से निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि हाल ही में सदन की कार्यवाही के दौरान हंगामे और कथित तौर पर अनुचित भाषा के इस्तेमाल के कारण आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद विपक्ष ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी।
सोमवार को हुई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई और अंततः इस बात पर सहमति बनी थी कि सदन के सुचारु संचालन और राजनीतिक सहमति के माहौल को बनाए रखने के लिए निलंबन वापस लिया जाना चाहिए। प्रस्ताव पारित होने के बाद अब यह सभी सांसद संसद की कार्यवाही में सुचारु रूप से भाग ले सकेंगे।
क्यों निलंबित किए गए थे सांसद – बता दें कि सदन की कार्यवाही में बाधा डालने और बजट सत्र के शेष समय के लिए अध्यक्ष की ओर कागज फेंकने के आरोप में 7 कांग्रेस सांसद और मदुरै से 1 सीपीएम सांसद को निलंबित कर दिया गया था। निलंबित किए गए सांसदों में हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस शामिल थे।