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ब्रेकफास्‍ट में प्रेगनेंट महिला रोज खाएगी ये एक चीज, तो पैदा होगा हेल्‍दी बच्‍चा

ओट्स एक हेल्‍दी अनाज है जिसमें काफी पोषण होता है। स्तनपान कराने वाली माओं को न्‍यूट्रिशियन की काफी जरूरत होती है और यही वजह है कि वो ओट्स को अपने आहार में शामिल करना चाहती हैं। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि माना जाता है कि ओट्स में लैक्टोजेनिक गुण होते हैं जो नर्सिंग माओं में ब्रेस्‍ट मिल्‍क के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। कई लोग नाश्‍ते में ओट्स खाना पसंद करते हैं। अगर आप ब्रेस्‍टफीडिंग करवाती हैं और ओट्स को अपनी हेल्‍दी डाइट में शामिल करना चाहती हैं तो आप यहां जान सकती हैं कि इस समय ओट्स खाना सही होता है या नहीं।
क्‍या ओट्स से दूध ज्‍यादा बनता है? : कई संस्कृतियों में ओट्स का उपयोग गैलेक्टागॉग यानि दूध बढ़ाने वाले फूड के रूप में किया जाता है। लैक्टेशन विशेषज्ञों का मानना है कि ओट्स ऑक्सीटोसिन हार्मोन के उत्पादन को बढ़ा सकता है, जो ब्रेस्‍ट मिल्‍क के उत्पादन को बढ़ाने में मदद कर सकता है। ओट्स के गैलेक्टागॉग होने बात संभवत: सदियों से एक लैक्टोजेनिक भोजन के रूप में इसके उपयोग के कारण प्रचारित होती आ रही है। फिर भी, आप सुरक्षित रूप से ओट्स को अपने दैनिक आहार का हिस्सा बना सकते हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्‍थ एंड ह्यूमन सर्विसेस स्तनपान कराने वाली माओं के लिए संतुलित आहार के एक भाग के रूप में अन्य साबुत अनाज के अंदर ओट्स खाने की सिफारिश करता है। ncbi की एक रिपोर्ट में ओट्स समेत मेथीदाने को भी ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढ़ाने वाला बताया गया है।
​माइक्रोन्‍यूट्रिएंट्स होते हैं : ओट्स में विटामिन बी6, विटामिन ई, जिंक, आयरन, फोलिक एसिड, कॉपर और मैग्नीशियम सहित कई आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं। ये पोषक तत्व ब्रेस्‍ट मिल्‍क के माध्यम से बच्चे की हेल्‍थ को सपोर्ट करते हैं।
​पाचन के लिए : ओट्स में फाइबर मल त्याग में सुधार कर सकता है, इस प्रकार यह कब्ज से बचा या उससे राहत दिला सकता है। इसके अलावा, यह आंत माइक्रोबायोटा को बढ़ावा दे सकता है, जो पाचन संबंधी मुद्दों में सुधार कर सकता है, जैसे कि ईर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम। ओट्स जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से ब्रेस्‍ट मिल्‍क से दूध की संरचना बेहतर होती है और शिशु के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।
इम्‍यूनिटी के लिए : ओट्स में बीटा-ग्लूकन और बायोएक्टिव फाइटोकेमिकल्स होते हैं जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होते हैं। ये यौगिक मां की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा दे सकते हैं, जो बदले में बच्चे को भी लाभ पहुंचा सकते हैं।
संपूर्ण सेहत के लिए : ओट्स रोज खाने से ब्‍लड शुगर, ब्‍लड कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप कंट्रोल में रहता है। ओट्स के स्वास्थ्य लाभ मुख्य रूप से ओट्स के सेवन के प्रकार पर निर्भर करते हैं। प्रोसेस्ड, रेडी-टू-कुक इंस्टेंट ओट्स के बजाय साबुत ओट्स को प्राथमिकता दें ताकि अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके।