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ड्रैगन पर लगाम का तगड़ा प्लान! चीन बॉर्डर के पास लद्दाख एयरबेस एक्टिव, सैन्य क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम


भारत ने पूर्वी लद्दाख में चीन सीमा के पास अपना नया न्योमा एयरबेस शुरू किया है। यह एयरबेस 13,710 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और सैनिकों व हथियारों की तेज़ी से आवाजाही में मदद करेगा। इसी के साथ, अरुणाचल प्रदेश में ‘पूर्वी प्रचंड प्रहार’ नाम का बड़ा सेना अभ्यास भी चल रहा है।
भारत ने पूर्वी लद्दाख में चीन सीमा के पास अपना नया न्योमा एयरबेस चालू कर दिया है। यह कदम भारत की सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इसी के साथ, पूर्वी मोर्चे पर अरुणाचल प्रदेश में ‘पूर्वी प्रचंड प्रहार’ नाम का एक बड़ा सेना अभ्यास भी चल रहा है। ये दोनों घटनाएं भारत-चीन सीमा पर भारत की उच्च सैन्य तैयारी को दर्शाती हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भले ही राजनयिक संबंध सुधर रहे हैं और सैन्य विश्वास बहाली के उपाय भी मजबूत हो रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में भरोसा अभी भी कम है। उन्होंने यह भी कहा कि एलएसी (Line of Actual Control) पर तनाव कम नहीं हुआ है, इसलिए अप्रैल-मई 2020 में चीनी घुसपैठ के बाद से लगातार छठी सर्दी में भी सैनिक सीमा पर तैनात रहेंगे।
भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने खुद दिल्ली के पास हिंडन से न्योमा के मुध एयरफील्ड तक एक C-130J ‘सुपर हरक्यूलिस’ विमान उड़ाकर इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एयरबेस का उद्घाटन किया। यह एयरबेस दुनिया की सबसे ऊंची जगहों में से एक है, जो 13,710 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। उनके साथ वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भी थे।
यह एयरबेस एलएसी से करीब 35 किलोमीटर दूर है। न्योमा में 230 करोड़ रुपये का बड़ा अपग्रेड किया गया है। इसमें मौजूदा हवाई पट्टी को 2.7 किलोमीटर लंबा ‘रिजिड पेमेंट’ रनवे बनाया गया है। साथ ही, एक नया एटीसी (Air Traffic Control) कॉम्प्लेक्स, हैंगर (जहां विमान खड़े होते हैं), क्रैश बे (दुर्घटना की स्थिति में इस्तेमाल होने वाली जगह) और रहने की जगहें भी बनाई गई हैं।