Sunday , March 8 2026 6:11 PM
Home / Uncategorized / अमेरिका के बाद यूएन की खुफिया रिपोर्ट… क्या ईरान जल्दी ही बनने जा रहा है परमाणु संपन्न देश!

अमेरिका के बाद यूएन की खुफिया रिपोर्ट… क्या ईरान जल्दी ही बनने जा रहा है परमाणु संपन्न देश!


यूएन की ये रिपोर्ट रिपोर्ट कहती है कि 17 अगस्त तक, ईरान के पास संवर्धित यूरेनियम का कुल भंडार बढ़ रहा है। इसमें निष्कर्ष निकाला गया कि ईरान का उच्च संवर्धित यूरेनियम का निरंतर उत्पादन और संचय चिंता को बढ़ाता है। ईरान अपने इस भंडार से परमाणु बम बना सकता है।
संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में अपनी चिंता को जाहिर किया है। यूएन की परमाणु निगरानी संस्था की गुरुवार को आई गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ना मानते हुए अपने यूरेनियम के भंडार को वेपन ग्रेड लेवल (परमाणु बनाने के लिए पर्याप्त भंडार) तक बढ़ा लिया है। एपी ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि 17 अगस्त तक ईरान के पास 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का 164.7 किलोग्राम (363.1 पाउंड) भंडार है। मई में आईएईए की अंतिम रिपोर्ट के बाद से यह 22.6 किलोग्राम (49.8 पाउंड) की वृद्धि है। ईरान ऐसा करने वाला इकलौता गैर-परमाणु हथियार वाला देश है। करीब दो हफ्ते पहले अमेरिका की हाउस इंटेलिजेंस कमेटी की एक खुफिया कमेटी की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान इस साल के आखिर तक खुद को परमाणु हथियार संपन्न देश घोषित कर सकता है। यूएन ने भी अब इसी तरह का इशारा किया है। इससे इन दावों को ताकत मिल रही है कि ईरान अब परमाणु बन बनाने के बेहद करीब पहुंच गया है।
आईएईए के मुताबिक, 60 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित यूरेनियम 90 प्रतिशत के हथियार-स्तर से बस एक तकनीकी कदम दूर है। 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का करीब 42 किलोग्राम (92.5 पाउंड) वह मात्रा है जिस पर सैद्धांतिक रूप से एक परमाणु हथियार बनाना संभव है। आईएईए प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने पहले चेतावनी दी थी कि तेहरान के पास पर्याप्त यूरेनियम है, जो हथियार-ग्रेड के स्तर के करीब है और अगर वह चाहे तो इससे वह कई परमाणु बम बना सकता है। ये रिपोर्ट इजरायल और अमेरिका की टेंशन बढ़ सकती है, दोनों देशों से ईरान का हालिया समय में टकराव देखने को मिला है।
ईरान से नाराज है आईएईए! – आईएईए की यह नई रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब उसके ईरान से संबंधों में गिरावट देखी गई है। 35-सदस्यीय आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने 6 जून को एक प्रस्ताव पारित प्रस्ताव करते हुए एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग ना करने के लिए ईरान की निंदा की थी। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने रिपोर्ट पर टिप्पणी नहीं की है। आईएईए रिपोर्ट पर तेहरान की ओर से भी तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है।
विश्व शक्तियों के साथ ईरान के 2015 के ऐतिहासिक परमाणु समझौते ने उसके यूरेनियम भंडार पर भी कई पाबंदियां लगा दी थीं। पश्चिमी देशों को डर है कि इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि तेहरान का कहना है कि यह केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। इस बीच आईएईए ने कहा है कि ईरान ने उसके निगरानी कैमरों को भी बाधित किया गया है और एजेंसी के कुछ सबसे अनुभवी निरीक्षकों को प्रतिबंधित कर दिया है। आईएईए की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि तेहरान ने एजेंसी के निरीक्षकों को अपने परमाणु कार्यक्रम की निगरानी करने से प्रतिबंधित करने के अपने सितंबर के फैसले पर भी पुनर्विचार नहीं किया है।