
सिंधु जल समझौते पर रोक लगाने के भारत के फैसले से पाकिस्तान बेहाल है। अब एक बार फिर इस्लामाबाद ने भारत के सिंधु समझौते को तत्काल बहाल करने की गुहार लगाई है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए थे। इनमें सबसे प्रमुख कदम सिंधु जल संधि को स्थगित करना था। भारत और पाकिस्तान ने 1960 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद से यह लगातार जारी थी। पाकिस्तान का ताजा बयान उसके सेना प्रमुख असीम मुनीर की भारत को दी गई परमाणु धमकी के बाद आया है।
मध्यस्थता न्यायालय के फैसले का किया स्वागत – पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि इस्लामाबाद सिंधु जल संधि के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है और यह भी उम्मीद करता है कि भारत संधि के सामान्य कामकाज को तुरंत बहाल करेगा। इसके साथ ही उसने 8 अगस्त को मध्यस्थता न्यायालय से सिंधु जल संधि से संबंधित की गई व्याख्या का स्वागत किया। हालांकि, भारत ने स्थायी मध्यस्थता न्यायालय को कभी मान्यता नहीं दी है और इसकी कार्यवाही को खारिज कर दिया था।
Home / Uncategorized / मुनीर की परमाणु धमकी के बाद भारत के सामने गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, सिंधु जल संधि को तत्काल बहाल करने की लगाई गुहार
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