Saturday , March 28 2026 9:54 AM
Home / News / क्या पाकिस्‍तान में इमरान खान के लिए सत्ता के सारे दरवाजे बंद हो गए? जेल में बंद ‘कप्‍तान’, जानें हर जवाब

क्या पाकिस्‍तान में इमरान खान के लिए सत्ता के सारे दरवाजे बंद हो गए? जेल में बंद ‘कप्‍तान’, जानें हर जवाब


पाकिस्तान में 8 फरवरी को हुए आम चुनाव की सरगर्मियों के केंद्र में इमरान खान थे। उनके लिए यह चुनाव उठापटक वाले साबित हुए। चुनाव के पहले के हालात साल 2018 जैसे ही थे। पाकिस्तान में हमेशा किंगमेकर के रोल में रहने वाली आर्मी के सामने इस बार इमरान खान खड़े थे। चुनाव से पहले उनकी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाया गया। इमरान जेल में हैं और अगले 14 साल तक उनके जेल में रहने की आशंका है। इसके बावजूद उनकी पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों को नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो की पार्टी से ज्यादा वोट मिले। आखिर यह संभव कैसे हुआ?
सीधा किया संवादः इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के पास चुनाव चिह्न नहीं था। मगर, पार्टी ने सोशल मीडिया और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का भरपूर इस्तेमाल किया। इमरान खान तीनों पार्टियों में एकमात्र ऐसे लीडर रहे हैं, जिनका सोशल मीडिया के हर पॉपुलर प्लैटफॉर्म पर पर्सनल अकाउंट है। इसी के जरिए उन्होंने वोटर्स से सीधा संवाद किया।
आर-पार के मूड मेंः चुनाव में धांधली के आरोपों के बीच ये जाहिर है कि इमरान भले ही सरकार बनाने की हालत में न हों, लेकिन उनके हाल फिलहाल के कदमों को देखकर लगता है कि वह सेना के साथ आर-पार के मूड में हैं। एक ओर इंटरनैशनल मॉनिटरी फंड (IMF) को चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान को नया लोन देने से पहले इलेक्शन ऑडिट करवाने को कह रहे हैं। दूसरी तरफ चीफ इलेक्शन कमिश्नर का इस्तीफा भी मांग रहे हैं।
इमरान की पार्टी के अध्यक्ष गौहर अली खान को हटा दिया गया है। मार्च में पार्टी के संगठनात्मक चुनाव भी कराए जा सकते हैं। इमरान जानते हैं कि अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने की ये उनकी आखिरी जंग है। हालांकि, उनकी दिक्कतें आसान होती नहीं दिख रही। उन पर कई केस हैं। यह साफ है कि 71 साल की उम्र में वह अपने राजनीतिक करियर का सबसे बुरा दौर देख रहे हैं।