
ब्रिटिश शाही परिवार के आवास विंडसर कैसल के परिसर में पिछले साल क्रिसमस के दिन धनुष-बाण के साथ पकड़े गए एक ब्रिटिश सिख व्यक्ति ने सुरक्षा प्रहरियों से कहा है कि वह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की हत्या करने वहां गया था। ब्रिटेन की एक अदालत को बुधवार को यह बताया गया। साउथम्पटन के रहने वाले जसवंत सिंह चैल की गिरफ्तारी के तुरंत बाद सामने आये एक वीडियो में उसने खुद को भारतीय सिख बताया, जो 1919 के जालियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए 96 वर्षीय महारानी की हत्या करना चाहता था।
उल्लेखनीय है कि 25 दिसंबर 2021 की सुबह हुई इस घटना के वक्त महारानी अपने निजी अपार्टमेंट में थीं। इस महीने की शुरूआत में 20 वर्षीय चैल पर राजद्रोह, हत्या की धमकी देने और हथियार रखने का आरोप लगाया गया। वह बुधवार को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुआ, जिसने उसे हिरासत में भेज दिया। उसे 14 सितंबर को ओल्ड बेली अदालत में पेश किया जाएगा।
‘मैं यहां महारानी की हत्या करने आया हूं’ – चैल ने हथकड़ी लगाए जाने और गिरफ्तारी से पहले एक शाही सुरक्षा अधिकारी से कथित तौर पर कहा था, ‘मैं यहां महारानी की हत्या करने आया हूं।’ चैल बर्कशायर स्थित ब्रोडमूर हॉस्पिटल की अति सुरक्षा वाली मनोचिकित्सा इकाई से वीडियो लिंक के माध्यम से अदालत में पेश हुआ। ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ क्रिसमस मनाने के लिए विंडसर कैसल पहुंची थीं। जसवंत सिंह चैल ने एक प्री-रेकॉर्डेड वीडियो स्नैपचैट पर क्रिसमस के दिन सुबह 8:06 बजे अपलोड किया। इसके 24 मिनट बाद उसे विंडसर कैसल के भीतर से गिरफ्तार किया गया।
नरसंहार में मारे गए 379 लोग – जलियांवाला बाग नरसंहार में 379 लोगों को अंग्रेजों ने गोलियों से भुनवा दिया था और 1200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस वीडियो के अलावा स्नैपचैट पर एक संदेश भी दिया गया था। इसमें कहा गया था, ‘जिन लोगों के साथ मैंने गलत किया या उनके साथ झूठ बोला, वे लोग मुझे माफ करें। जसवंत ने कहा, ‘अगर आपको यह मिल गया है तो जान लें कि मेरी मौत नजदीक है। कृपया इस खबर को उन लोगों तक पहुंचाएं और यदि संभव हो तो उन्हें बताएं जो इसमें रुचि रखते हैं।’
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