
संयुक्त राष्ट्र (UN) की परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख ने मध्य यूक्रेन (Ukraine) में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थल के निकट हुए ताजा हमलों के बाद मंगलवार को कहा कि यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में ‘‘हालात बेहद नाजुक” हैं। उन्होंने एजेंसी के निरीक्षण के अंतराल को और कम करने का संकल्प जताते हुए महत्वपूर्ण विद्युत आपूर्तियों को भी निरीक्षण के दायरे में लाने की बात कही। फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के राफेल मारियानो ग्रोसी की यह 10वीं यूक्रेन यात्रा है।
कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की एवं ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद वे जापोरिज्जिया के लिए रवाना हुए। ग्रोसी ने यूक्रेन की राजधानी में पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हालात बेहद नाजुक हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘हम फिर से ‘ब्लैकआउट’ के कगार पर हैं। इससे पहले आठ बार ऐसा हो चुका है। ‘ब्लैकआउट’ का मतलब है कि कोई बिजली नहीं, कोई कूलिंग नहीं। परमाणु संयंत्र में कोई कूलिंग नहीं होगी तो आपदा आ सकती है।”
इससे पहले ग्रोसी ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था कि वह परमाणु संकट की आशंका के मद्देनजर ऐसे किसी संकट से बचने के लिए जापोरिज्जिया जा रहे हैं। रूसी आक्रमण के फलस्वरूप उसके नियंत्रण में आए जापोरिज्जिया संयंत्र के पास सोमवार को गोलाबारी की गई थी, जिससे संयंत्र की विद्युत लाइन को नुकसान पहुंचा था। यह जानकारी संयंत्र के संचालक एनर्जोएटम ने दी। संयंत्र ने इन हमलों के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है।
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