
अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर खींचतान चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि भारत और चीन समेत दुनिया के कई देश उनकी शर्तों पर अमेरिका के साथ व्यापार करें। दरअसल ट्रंप दुनिया भर से माल खींचना यानी अमेरिका का खजाना भरना चाहते हैं। ऐसे में ट्रंप की ख्वाहिश है कि चीन उससे ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सोयाबीन खरीदे। ट्रंप लगातार चीन पर दबाव डालते रहे हैं कि वह अमेरिका से सोयाबीन की खरीद को चौगुना करे। ट्रंप की यह मांग तब और ज्यादा अहम हो जाती है, जब चीन पहले से ही अमेरिका के कुल सोयाबीन निर्यात का आधे से ज्यादा हिस्सा खरीदता है।
कितना है दोनों देशों के बीच सोयाबीन कारोबार? – खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के आंकड़ों के अनुसार साल 2015 में अमेरिका ने चीन को लगभग 10.5 अरब डॉलर का सोयाबीन निर्यात किया था, जबकि अमेरिका का कुल सोयाबीन निर्यात 18.9 अरब डॉलर था। लेकिन साल 2018 में चीन ने आयात पर कटौती कर दी, जिससे अमेरिकी किसानों को बड़ा झटका लगा। हालांकि इसके बाद स्थिति सुधरी और साल 2021 में अमेरिका का कुल सोयाबीन निर्यात 34.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें से चीन की हिस्सेदारी 17.9 अरब डॉलर थी।
चीन ने कम किया आयात – साल 2022 के बाद चीन से अमेरिका से सोयाबीन का आयात कम कर दिया। साल 2024 तक आते-आते अमेरिका का कुल सोयाबीन निर्यात घटकर 24.5 अरब डॉलर और चीन को होने वाला निर्यात 12.6 अरब डॉलर रह गया। यानी चीन ने आयात को पहले की तुलना में कम कर दिया, लेकिन फिर भी वह अमेरिकी सोयाबीन का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है।
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