
ऑपरेशन सिंदूर सीजफायर के करीब 5 महीने होने वाले हैं और अब युद्ध की असलियत धीरे धीरे सामने आने लगी हैं। आपको याद होगा कि भारतीय वायुसेना ने ना सिर्फ पीओके और पाकिस्तान में आतंकियों के 9 हेडक्वार्टर ध्वस्त कर दिए थे, बल्कि बाद में भारत ने पाकिस्तानी एयरफोर्स के 11 एयरबेस पर भी ब्रह्मोस मिसाइल से भीषण हमले किए थे। कुछ महीने बीतने के बाद भारत और पाकिस्तान के सैन्य एक्सपर्ट, अपनी कामयाबी और नाकामयाबियों का गहन विश्लेषण कर रहे हैं।
खासकर भारत के लिए पाकिस्तान के चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से चकमा देना और उन्हें तहस-नहस करना जबरदस्त कामयाबी थी। भारत ने चीन के HQ-9 एयर डिफेंस को उड़ा दिया था, जिसका प्रचार चीन पिछले कई सालों से कर रहा था और पाकिस्तान ने 2021 में उसे अपनी वायुसेना में शामिल किया था।
ऑपरेशन सिंदूर में नाकामी के बाद पाकिस्तान, एक बार फिर से चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम का एडवांस वैरिएंट खरीद रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पिछले महीने चीन ने कुछ HQ-9 की बैटरियां भेज भी दी हैं। जबकि भारत ने भविष्य के संघर्ष के देखते हुए अपने प्रमुख प्रतिष्ठान और बड़े शहरों की सुरक्षा के लिए ‘सुदर्शन चक्र’ सुरक्षा शील्ड बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। भारत के ‘सुदर्शन चक्र’ सुरक्षा शील्ड में एडवांस रडार, एंटी-हाइपरसोनिक क्षमताएं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संचालित वायु रक्षा प्रणाली शामिल होंगे।
Home / Uncategorized / नूर खान से लाहौर तक… भारत ने कैसे ध्वस्त किया था पाकिस्तान का एयर डिफेंस, ब्रह्मोस ने कैसे तोड़ा HQ-9 का तिलिस्म? खुलासा
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