
इजराइली सेना ने शनिवार को कहा कि दक्षिणी गाजा में किये गए एक विस्फोट में उसके आठ सैनिकों की मौत हो गई। यह पिछले कई महीनों में किए गए अब तक का सबसे घातक हमला था। शनिवार का यह धमाका दक्षिण रफह शहर में हुआ।
इजराइल रफह को हमास की मजबूत पकड़ वाला आखिरी बड़ा गढ़ मानता है। इस हमले से इजराइली प्रदर्शनकारियों द्वारा की जा रही संघर्ष विराम की मांग को संभवत: बढ़ावा मिलेगा। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अति रूढ़िवादी युवाओं को सैन्य सेवा से छूट देने को लेकर सरकार को व्यापाक नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। इजराइल और फलस्तीन में आठ महीने से अधिक समय से लड़ाई चल रही है। पिछले साल सात अक्टूबर को हमास और अन्य आतंकवादियों द्वारा किये गये हमले में 1200 लोगों की मौत हो गई थी तथा 250 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजराइल ने हमास के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया था।
इजराइल के विदेश मंत्री इजराइल कात्ज ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘ वे जानते थे कि उन्हें अपनी जान कुर्बान करनी पड़ सकती है लेकिन उन्होंने ऐसा किया ताकि हम इस देश में रह सकें। मैं उन्हें सलाम करता हूं और उनके परिवारों को गले लगाता हूं।”
इजराइली सेना ने कहा कि यह विस्फोट रफह के ताल अल-सुल्तान क्षेत्र में शाम पांच बजे हुआ। इजराइली सेना के प्रवक्ता रीयर एड. डेनियल हगारी ने कहा कि यह धमाका हमास द्वारा लगाये गये किसी विस्फोटक या एंटीटैंक मिसाइल से किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें हमास के रफह ब्रिगेड को हराने की जरूरत है और हम संकल्प के साथ यह कर रहे हैं। गाजा में जनवरी में फलस्तीनी आतंकवादियों के हमले में 21 इजराइली सैनिकों की मौत हो गई थी।
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