
अमेरिका और भारत के बीच ऐतिहासिक रक्षा समझौता हुआ है जिससे समुद्री सुरक्षा बढ़ेगी। अमेरिका ने भारत को MQ-9B प्रीडेटर ड्रोन बेचने की अनुमति दे दी है। इस रक्षा सौदे को लेकर अब अमेरिका ने बयान जारी किया है। अमेरिका ने कहा है कि करीब 4 अरब डॉलर की अनुमानित लागत से भारत को 31 ड्रोन बेचे जाएंगे जिससे उनकी समुद्री सुरक्षा में इजाफा होगा। अमेरिका ने भारत को 31 एमक्यू-9बी ड्रोन की बिक्री को पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी। अमेरिका का कहना है कि ‘जनरल एटॉमिक्स एमक्यू9-बी’ सशस्त्र ड्रोन सौदे से भारत की समुद्री सुरक्षा और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमता (MDA) में बढ़ोतरी होगी।
समुद्री क्षेत्र में जागरूकता क्षमता का अर्थ है कि समुद्री क्षेत्र से जुड़ी ऐसी हर बात को लेकर जागरूक होना जो सुरक्षा, अर्थव्यवस्था या पर्यावरण को प्रभावित कर सकती है। अमेरिका ने 3.99 अरब अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत पर भारत को 31 एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन की बिक्री करने को पिछले सप्ताह मंजूरी दे दी थी। इससे समुद्री मार्गों में मानवरहित निगरानी और टोही गश्त के जरिये वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने की भारत की क्षमता बढ़ेगी।
इस ड्रोन सौदे की घोषणा जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान की गई थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने अपने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि इस बिक्री से भारत की समुद्री सुरक्षा और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमता बढ़ेगी।” पटेल ने कहा, ‘‘यह (सौदा) भारत को इन विमानों का पूर्ण स्वामित्व प्रदान करता है और इस क्षेत्र में हम अपने भारतीय भागीदारों के साथ सहयोग को गहरा करना जारी रखेंगे।”
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