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आयिंदा फोटो खींचा तो… सदन के अंदर फोटो खींचने पर ओम बिरला ने फटकारा, जानें क्या है नियम


संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बुधवार को अचानक भड़क गए। सदन में फोटो खींच रहे सांसद पर ओम बिरला ने कहा कि अब ऐसा किया तो कार्यवाही करूंगा।
संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बुधवार को अचानक भड़क गए। सदन में फोटो खींच रहे आरजेडी सांसद अभय सिन्हा पर ओम बिरला नाराज हो गए और कहा कि, ‘आज तो फोटो खींच लिया है। आयिंदा फोटो खींचा तो मुझे कार्यवाही करनी पड़ेगी। सदन में गरिमा बनाए रखें।
दरअसल, सत्र के दौरान कुछ सांसद संसद के अंदर फोटो ले रहे थे। इसी बात से ओम बिरला नाराज नजर आए। इसी पर उन्होंने नाजारगी जाहिर करते हुए कहा कि अब अगर फोटो खींची तो कार्यवाही करूंगा।
असल में, संसद में फोटो खींचने और वीडियो रिकॉर्ड करने को लेकर बहुत सख्त नियम हैं। सदन के भीतर चाहे वह लोकसभा हो या राज्यसभा किसी भी सांसद, पत्रकार या अन्य व्यक्ति को मोबाइल या कैमरे से फोटो लेने, वीडियो बनाने या लाइव रिकॉर्डिंग करने की अनुमति नहीं होती है। सदन की कार्यवाही केवल लोकसभा टीवी, राज्यसभा टीवी या संसद सचिवालय द्वारा अधिकृत कैमरे ही रिकॉर्ड करते हैं। किसी अन्य डिवाइस से रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
लोकसभा स्पीकर को कार्यवाही करने का अधिकार – सदन के अंदर मोबाइल का कैमरा ऑन करना, सेल्फी लेना या किसी भी प्रकार की फोटो लेने की कोशिश करना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है और अध्यक्ष या सभापति द्वारा तत्काल कार्रवाई की जा सकती है। संसद परिसर में, सदन के बाहर, कुछ स्थानों पर फोटो लेना संभव है, लेकिन सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों, समिति कक्षों, सांसदों के प्रवेश द्वारों और अन्य संवेदनशील हिस्सों में फोटो खींचना मना है।
पत्रकारों के लिए क्या नियम हैं? – पत्रकारों को भी केवल उन्हीं स्थानों से शूटिंग की अनुमति होती है, जिन्हें संसद सचिवालय ने मंजूरी दी होती है। नियमों का उल्लंघन होने पर चेतावनी, अनुशासनात्मक कार्रवाई, सदन से बाहर भेजना या भविष्य के लिए प्रतिबंध जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।