
कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में खेले गए दूसरे वनडे मैच में कई रेकॉर्ड बनाए। उसमें से एक रेकॉर्ड सबसे तेज 22 हजार इंटरनैशनल रनों का रहा। विराट ने पूर्व भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) के रेकॉर्ड को तोड़ा।
विराट कोहली ने जहां इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 462 पारियां खेलीं, तो सचिन 493 पारियों में यहां तक पहुंचे थे। मैच की बात करें तो विराट ने 418 इंटरनैशनल मैच खेले हैं। दूसरी ओर, सचिन अपने 418 इंटरनैशनल मैच में 21 हजार का आंकड़ा पार किया था।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया का वनडे सीरीज के दोनों ही मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। पहले मैच में उसे 66 रनों से हार मिली तो दूसरे में 51 रनों से। इसके बाद से क्रिकेट फैंस और तमाम पूर्व क्रिकेटर विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम पर सवाल उठा रहे हैं। नॉन परफॉर्मिंग प्लेयर्स की लिस्ट देखें तो टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और गेंदबाजी में रविंद्र जडेजा का नाम सबसे ऊपर आता है।
श्रेयस अय्यर ने सीरीज के दोनों मैचों में कुल 40 रन बनाए हैं, जो तेज गेंदबाज नवदीप सैनी से सिर्फ एक रन अधिक हैं, जबकि जडेजा से 9 रन कम। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 38 रन रहा है, जबकि और महज 20 का। ऐसा नहीं है कि वह अच्छी शुरुआत के बाद आउट हो रहे हैं। दरअसल, इस सीरीज में वह श्रेयस दिखे ही नहीं, जो आईपीएल में खेल रहे थे। वह पहली गेंद से ही सघर्ष करते दिखे और अपना विश्वास हासिल नहीं कर पाए।
अब बात करते हैं गेंदबाजी की। अब तक भारत ने जिन गेंदबाजों (मयंक अग्रवाल, एक ओवर, को छोड़कर) को मौका दिया है उनमें सिर्फ रविंद्र जडेजा ही हैं, जिनका खाता नहीं खुला है। उन्होंने दोनों ही मैचों में अपने खाते के 10-10 ओवर पूरे किए हैं और 123 रन भी खर्च किए, लेकिन उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली है।
यह तो रहा बल्लेबाजी और गेंदबाजी में से एक-एक उन प्लेयर्स के नाम जो पूरी तरह से फ्लॉप रहे हैं। अब बात करते हैं उन प्लेयर्स की जो यहां टीम इंडिया के काम आ सकते थे। उनमें सबसे पहला नाम मनीष पांडे का है। पांडे न केवल अच्छी बैटिंग कर सकते हैं, बल्कि वह वर्ल्ड क्लास फील्डर भी हैं। अगर वह टीम में होते तो जिस तरह से कैच छोड़ने के बाद भारतीय टीम की किरकिरी हुई है वह नहीं होती और विपक्षी टीम के स्कोर पर उसका फर्क भी पड़ता।
गेंदबाजी ऑप्शन की बात करें तो यहां केदार जाधव बेहतर हो सकते थे। वह बल्लेबाजी के साथ पार्ट टाइम बोलर भी हैं। वह भी ऐसे, जो अहम मौके पर विकेट झटकने में माहिर माने जाते हैं। कई मैचों में उन्होंने टीम को गेंदबाजी से जीत भी दिलाई है। हालांकि, उनके अलावा शिवम दूबे या विजय शंकर भी बेहर विकल्प हो सकते थे, लेकिन यह तीनों ही टीम का हिस्सा नहीं हैं।
यही नहीं, रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में कोहली ने एकदिसवीय क्रिकेट में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में वह महोम्मद अजहरुद्दीन से आगे निकल गए। कोहली ने कप्तान के रूप में अपने 91वें मैच में अजहर (5243) को पीछे छोड़ा। कोहली ने इससे पहले 90 मैचों की 86 पारियों में 5168 रन बनाए थे। वह अजहर से 75 रन पीछे थे।
भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज के दूसरे वनडे में 51 रनों से हरा दिया। इस हार के साथ ही विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम ने 3 मैचों की सीरीज भी गंवा दी। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 4 विकेट खोकर 389 रन का विशाल स्कोर बनाया जिसके बाद भारतीय टीम 9 विकेट पर 338 रन ही बना सकी। ऑस्ट्रेलिया ने पहला वनडे 66 रन से जीता था।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (104) ने लगातार दूसरा शतक जड़ा। उनके अलावा ओपनर डेविड वॉर्नर ने 83, मार्नस लाबुशेन ने 70, ग्लेन मैक्सवेल ने नाबाद 63 और कप्तान आरोन फिंच ने 60 रन का योगदान दिया। मेजबानों के लिए उसके टॉप-5 बल्लेबाजों ने ताबड़तोड़ पारियां खेलीं और 389 रन का विशाल स्कोर बनाने में मदद की।
सिडनी के मैदान पर भारतीय गेंदबाज एक बार फिर महंगे साबित हुए। पेसर मोहम्मद शमी ने 73 रन देकर 1 विकेट लिया जबकि जसप्रीत बुमराह ने 1 विकेट लेने के लिए 79 रन लुटा दिए। हार्दिक पंड्या ने 4 ओवर गेंदबाजी की और 24 रन देकर एक विकेट झटका। नवदीप सैनी ने 7 ओवर में 70 रन दिए जबकि युजवेंद्र चहल ने 9 ओवर में 71 रन लुटाए। रविंद्र जडेजा ने 10 ओवर में 60 रन दिए जबकि मयंक अग्रवाल ने एकमात्र ओवर में 10 रन लुटाए।
भारतीय टीम के लिए कोई बड़ी साझेदारी नहीं बन पाई और उसके बल्लेबाज जमकर खेलने में कामयाब नहीं हुए। विराट कोहली (89) का बल्ला चला और उन्होंने लोकेश राहुल (76) के साथ जरूर 72 रन जोड़े लेकिन लक्ष्य काफी बड़ा होने के चलते इसका खास प्रभाव नहीं पड़ा। विराट ने 87 गेंदों पर 7 चौके और 2 छक्के लगाए। वहीं लोकेश राहुल ने 66 गेंदों पर 4 चौके, 5 छक्के जड़े। ओपनर शिखर धवन (30) और मयंक अग्रवाल (28) भी सस्ते में ही पविलियन लौट गए।
भारत ने जरूर लक्ष्य का पीछा करते हुए 338 रन बनाए लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज नियमित अंतराल पर विकट लेते रहे। उसके लिए पेसर पैट कमिंस ने 67 रन देकर सर्वाधिक 3 विकेट लिए जबकि जोश हेजलवुड और एडम जम्पा ने 2-2 विकेट लिए। हेनरिक्स और ग्लेन मैक्सवेल ने भी 1-1 विकेट लिया।
हार के बाद टीम के कप्तान विराट कोहली गेंदबाजों से निराश नजर आए। कोहली ने कहा कि गेंदबाजों का प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा। इसके साथ ही कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की तारीफ की। विराट ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई टीम ने हमें हर क्षेत्र में मात दी। हमने गेंद से बिलकुल प्रभावी प्रदर्शन नहीं किया और सही जगह पर बोलिंग नहीं की।’
कप्तान के रूप में कोहली का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने वनडे में कप्तान के रूप में रिपोर्ट लिखे जाने तक 21 शतक बनाए हैं। कोहली ने इस मैच में 89 रन की पारी खेली। उन्होंने 87 गेंद की अपनी पारी में सात चौके और दो छक्के लगाए। यह विराट कोहली का कप्तान के रूप में 91वां और यूं 250वां मुकाबला था।
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