Saturday , March 7 2026 11:55 AM
Home / Uncategorized / खतरे में इजरायल, ईरानी हमलों के बीच एयर डिफेंस सिस्टम की भारी कमी, क्या कारगिल का कर्ज उतारेगा भारत?

खतरे में इजरायल, ईरानी हमलों के बीच एयर डिफेंस सिस्टम की भारी कमी, क्या कारगिल का कर्ज उतारेगा भारत?

इजरायल एयर डिफेंस सिस्टमों की भारी कमी का सामना कर रहा है। यह कमी ईरान के मिसाइल हमलों के बीच आई है। ईरानी हमलों में इजरायल को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इजरायल के पास 10 से 12 दिन का एयर डिफेंस सिस्टम का स्टॉक बचा है।
ईरान पर सफल सैन्य हमले का दावा करने वाला इजरायल मुश्किल में फंस गया है। दरअसल, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल अपनी लंबी दूरी की मिसाइल इंटरसेप्टर की आपूर्ति को तेजी से कम कर रहा है। इससे इजरायल के एयर डिफेंस को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। इसका प्रमुख कारण यह भी है कि इजरायल को हाल के कुछ दिनों में ईरान के कई हवाई हमलों का सामना करना पड़ा है। इन हमलों में इजरायल में जानमाल का भारी नुकसान भी हुआ है। ऐसे में एयर डिफेंस सिस्टमों की कमी से इजरायल की सुरक्षा की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि वह एक साथ कई मोर्चों पर दुश्मनों से उलझा हुआ है। इस बीच सवाल उठ रहा है कि क्या भारत कारगिल युद्ध में इजरायली मदद का कर्ज उतारेगा।
खतरे में इजरायल की हवाई सुरक्षा – इजरायल को एयर डिफेंस सिस्टमों की कमी वाली रिपोर्ट अमेरिकी मीडिया वॉल स्ट्रीट जर्नल ने प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए इजरायल की हवाई सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह रिपोर्ट तब आई है, जब इजरायल और ईरान लगातार एक दूसरे पर मिसाइलों से हमले कर रहे हैं। पिछले शुक्रवार को इजरायल ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू किया था। इसके बाद से ईरानी सेना ने लगभग 400 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दागी हैं। ये मिसाइलें इजरायल तक पहुंचने में सक्षम 2000 के अनुमानित ईरानी शस्त्रागार का हिस्सा हैं।
ईरान के पास अब भी 1000 से अधिक मिसाइलें – वॉल स्ट्रीट जर्नल को इजरायली अधिकारियों ने बताया है कि उनके हमलों में ईरान के एक-तिहाई मिसाइल लांचर नष्ट हो गए हैं और दावा किया है कि उन्होंने ईरानी आसमान पर हवाई श्रेष्ठता हासिल कर ली है। फिर भी, खुफिया सूत्रों ने चेतावनी दी कि ईरान की मिसाइल सूची का आधा से ज़्यादा हिस्सा बरकरार है, जिसका एक हिस्सा संभवतः अंडरग्राउंड सुरंगों में छिपा हुआ है।
इजरायली इंटरसेप्टरों की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी – इजरायल के मल्टीलेयर एयर डिफेंस में आयरन डोम, डेविड स्लिंग, एरो सिस्टम और अमेरिका द्वारा आपूर्ति की गई पैट्रियट्स और THAAD बैटरियां शामिल हैं। हालांकि, इनको लगातार इंटरसेप्शन के योग्य बनाए रखने की लागत गंभीर चिंता का विषय बन रही है। इजरायली फाइनेंशियल डेली द मार्कर ने अनुमान लगाया कि रात के मिसाइल रक्षा संचालन की लागत 1 बिलियन शेकेल ($285 मिलियन) तक है। एरो सिस्टम अकेले ही 3 मिलियन डॉलर की कीमत वाले इंटरसेप्टर फायर करता है।