
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली पहुंचे। उनकी यह यात्रा भारत-रूस के 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए है। इस बैठक ने रूस की आधुनिक S-500 ‘प्रोमेथियस’ एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर भारत में फिर से चर्चा तेज कर दी है। इससे पहले भारत ने S-400 सिस्टम तैनात किए थे, जिसने ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी।
आसमान से आने वाले खतरों से निपटने में सक्षम – S-500 को 21वीं सदी के सबसे बड़े खतरों से निपटने के लिए बनाया गया है। इममें एडवांस बैलिस्टिक मिसाइलें, हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। इसकी सबसे खास क्षमता यह है कि यह निचली कक्षा में घूमने वाले उपग्रहों (LEO satellites) को भी निशाना बना सकता है और अंतरिक्ष से आने वाले खतरों को निष्क्रिय कर सकता है।
Home / Uncategorized / रडार पर जिसको भी पाता है चबा जाता है, भारत रूस से यूं ही नहीं चाहता ये खास हथियार
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