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पीएम मोदी-पुतिन प्राइवेट डिनर और कई बड़ी डील… क्यों आज दुनिया की निगाहें दो दोस्त भारत-रूस पर होंगी? रचा जाएगा इतिहास


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज दिल्ली पहुंचेंगे, जहां पीएम मोदी उनके सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है, जिसमें रक्षा सहयोग और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों में साझेदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के आज शाम करीब 4:30 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। आने के कुछ घंटे बाद ही पीएम नरेंद्र मोदी पुतिन के सम्मान में एक डिनर होस्ट करेंगे। इस मुलाकात का मकसद बाइलेटरल स्ट्रैटेजिक और इकॉनमिक पार्टनरशिप को मजबूत करना है। शुक्रवार को पुतिन राजघाट जाएंगे, उसके बाद हैदराबाद हाउस में 23वीं भारत-रूस समिट होगी।
पुतिन के दो दिन के इस दौरे पर पश्चिमी देशों की नजर रहेगी, क्योंकि यह दौरा उस वक्त हो रहा है, जब अमेरिका ने 50% टैरिफ भारत पर लगा रखा है। दोनों देशों के बीच इसपर चर्चा की संभावना है।
भारत-रूस समिट का फोकस रक्षा सहयोग बढ़ाना, बाइलेटरल ट्रेड को बाहरी दबाव से बचाना और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशने पर रहेगा। दोनों देशों में कई अग्रीमेंट होने की उम्मीद है, जिसमें एक भारतीय वर्कर्स के रूस आने-जाने को आसान बनाने पर और दूसरा डिफेंस कोऑपरेशन के बड़े फ्रेमवर्क के तहत लॉजिस्टिक सपोर्ट पर
हथियारों पर हो सकती है बड़ी डील – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के मंत्री आद्रे बेलौसोव की आज अहम वार्ता होगी, जिसमे एस-400 की अतिरिक्त खरीद, सुखोई-30 अपग्रेड और रूस से सैन्य उपकरणों की समयबद्ध सप्लाई मुख्य मुद्दे रहेंगे। बातचीत में एस-500 और एसयू-57 लड़ाकू विमानों पर भी चर्चा संभावित है।
असैन्य न्यूक्लियर एनर्जी में रूस से मिलेगी मदद – रूसी मंत्रिमंडल ने 4-5 दिसंबर को होने वाली राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर को मजूरी दे दी है। स्थानीय मीडिया में आई खबरों के अनुसार, रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कपनी ‘रोसएटम’ को रूसी सरकार की ओर से इस सहमति पत्र पर भारत के संबंधित अधिकारियों के साथ हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया गया है।
यह कंपनी तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना के तहत कई रिएक्टर का निर्माण कर रही है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को कहा कि रोसएटम के CEO अलेक्सी लिगाचेव भारत जा रहे है और वह छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के निर्माण समेत सहयोग के कई प्रस्तावों की डिटेल दिल्ली में होने वाली शिखर बातचीत में प्रस्तुत करेंगे। खबरों में कहा गया था कि रोसएटम ने भारत में रूसी डिजाइन वाले अडवांस्ड रिएक्टरों के स्थानीयकरण के मामले में भी तैयार रहने की बात कही है।