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मटन का जिक्र कर विपक्ष को कहा मुगल, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने वादा, जानें उधमपुर में क्या बोले मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर पहुंचे। यहां विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने विपक्ष में जमकर निशाना साधा। पीएम ने आर्टिकल 370 और अयोध्या के राम मंदिर के बहाने ‘इंडिया’ गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के सारे पाप भुलाकर उन्हें राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण भेजा गया लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। यह उनके पाप ही हैं। पीएम मोदी ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि एक सजायाफ्ता जो कोर्ट से जमानत पर है, जो एक मुजरिम है, कांग्रेस के लोग उसके घर जाकर सावन के महीने में उनके घर मटन पकाते हैं और लोगों को चिढ़ाने के लिए उसका वीडिया पोस्ट करते हैं। लोकतंत्र किसी को खाने से नहीं रोकता है, लेकिन इनकी मंशा कुछ और होती है। मुगलों को राजााओं को हराकर संतोष नहीं मिलता था, जब तक वह मंदिर नहीं तोड़ते थे,जब तक वह धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करते थे उन्हें संतोष नहीं होता था।इसी तरह का काम ये लोग कर रहे हैं। सावन के महीने में मटन पकाकर उसका वीडियो पोस्ट करके लोगों को चिढ़ा रहे हैं। नवरात्र में मछली खाते हुए वीडियो पोस्ट करके लोगों को भावनाओं को चिढ़ा रहे हैं। ये लोग अपने वोटबैंक इस तरह से पक्का करना चाहते हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा भी मिलेगा।
पीएम ने कहा कि आज मैं यहां जो कह रहा हूं, इसके बाद ये लोग गालियों के बोझार लेकर मेरे ऊपर बरस पड़ेंगे, लेकिन जहां लोकतंत्र के बात आती है, मैं चुप नहीं बैठूंगा। ये लोग देश की मान्यताओं पर हमला करते हैं। एक बड़े वर्ग को इस वीडियो से चिढ़ाते हैं। उनकी यह मुगलिया सोच है लेकिन इन्हें नहीं पता कि जनता जवाब देती है तो बड़े शाही परिवारों के युवराजों को बेदखल होना पड़ता है।
‘राम मंदिर का नाम लेना भी कांग्रेस को पसंद नहीं’ – पीएम ने कहा का कांग्रेस राम मंदिर से कितनी नफरत करती है, यह सबके सामने है। अगर मुंह से राम मंदिर भी निकल गया तो कांग्रेस चिल्लाने लगती है, कहती है कि बीजेपी के लिए राम मंदिर चुनाव का मुद्दा है। बीजेपी के लिए कभी भी राम मंदिर चुनाव का मुद्दा था, न है और न ही कभी होगा। जब बीजेपी नहीं थी, तब से राम मंदिर था। विदेशी आक्रांताओं ने हमारे मंदिर तोड़े तो भारत के लोगों ने अपने धर्म स्थलों को बचाने की लड़ाई लड़ी। अपनी आस्था के लिए वर्षों तक उन्होंने क्या-क्या नहीं झेला?
‘कांग्रेस ने पाप किए, ठुकराया राम मंदिर का निमंत्रण’ – कांग्रेस अपने महलों में रहती थी। जब राम लला के टेंट को बदलने की बात आती थी तो मुंह फेर लेते थे। बारिश में टेंट टपकता था, भक्त टेंट बदलवाने के लिए कोर्ट के चक्कर काटते थे, यह करोड़ों लोगों की आस्था पर वार था। हमने इन्हीं लोगों से कहा कि एक दिन आएगा, जब राम लला भव्य मंदिर में विराजेंगे। 3 बातें कभी भूल नहीं सकते। 500 साल के अविरत संघर्ष के बाद यह हुआ है। दूसरा पूरी न्याय के तराजू से तौलकर यह मंदिर बना है। तीसरा यह भव्य मंदिर सरकारी खजाने से नहीं, देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने पाई-पाई दान देकर बनाया है। मंदिर की जब प्राण प्रतिष्ठा हुई तो पिछले 70 साल में कांग्रेस ने जो भी पाप किए, जो भी रुकावटें डालीं, सबको भुलाकर मंदिर के ट्रस्टी कांग्रेस वालों के घर गए, उनके पुराने पाप को माफ कर दिया। कहा कि राम आपके भी हैं, उन्हें सम्मान के साथ बुलाया, लेकिन उन्होंने इस निमंत्रण को ठुकरा दिया।
‘राम मंदिर कांग्रेस के लिए चुनावी मुद्दा इसलिए ठुकराया निमंत्रण’ – पीएम ने कहा कि कोई बताएं, वह कौन सा चुनावी कारनामा था, जिसके दबाव में आपने राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकरा दिया। कौन सा चुनावी खेल था जो राम मंदिर के पवित्र काम को ठुकरा दिया। इंडि गठबंधन वाले इसे चुनावी मुद्दा था लेकिन देश के लिए यह धर्म का मुद्दा था। यह आस्था का मुद्दा था। जिस क्षण के लिए करोड़ों देशवासी इंतजार कर रहे थे, आप बुलाने पर इसे देखने तक नहीं गए। दुनिया ने आपके इस घमंड को देखा है। यह चुनावी मंशा थी कि आपने प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकरा दिया। यह आपकी तृष्टिकरण की राजनीति थी।