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रूस ने भारत को दी दोहरी खुशखबरी, दोनों S-400 एयर डिफेंस इसी साल देगा, ‘बॉडीगार्ड’ Pantsir-S1M का भी ऑफर


रूस ने संकेत दिए हैं को 2027 के बदले इसी साल यानि 2026 में ही एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के बाकी बचे दो यूनिट भारत को सौंप देगा। इनमें से एक यूनिट अगले महीने ही मिलने की उम्मीद है जबकि अंतिम एस-400 की संभावित डिलीवरी नवंबर में कर दी जाएगी। मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए भारत अपने रूसी समकक्षों के साथ नजदीकी संपर्क में है। लेकिन सबसे ज्यादा दिलचस्प पैंटसिर शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम का ऑफर है। इसे एस-400 का बॉडीगार्ड कहा जाता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम अपनी क्षमता दिखा चुका है। इसने 314 किलोमीटर दूर पाकिस्तान अवाक्स एयरक्राफ्ट पर सटीक निशाना लगाकर उसे मार गिराया था। इसके अलावा पाकिस्तानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में भी एस-400 ने अहम भूमिका निभाई थी। रूस ने एस-400 के साथ साथ उसके बॉडीगार्ड कहे जाने वाले Pantsir-S1M का भी ऑफर दिया है। ये ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमलों से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को बचाता है।
भारत को इसी साल मिल जाएंगे दोनों एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम – रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि ‘बाकी बचे दो S-400 प्रणालियों में से एक की डिलीवरी अगले महीने यानि अप्रैल में होगी और अंतिम प्रणाली की डिलीवरी इस साल नवंबर तक हो जाएगी।’ अधिकारी का कहना था कि यूक्रेन युद्ध की वजह से बाकी बचे 2 एस-400 की डिलीवरी बार बार टल रही थी और रूस ने पहले संकेत दिया था कि डिलीवरी 2027 तक ही हो पाएगी। लेकिन अब वो इसी साल दोनों एस-400 की डिलीवरी कर रहे हैं।’
भारत ने 2018 में रूस के साथ S-400 सिस्टम के 5 स्क्वाड्रन के लिए 5.43 अरब डॉलर का सौदा किया था। रूस भारत को 3 एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही सौंप चुका है लेकिन 2 सिस्टम सौंपने में लगातार देरी हुई है। भारत ने एस-400 एयर डिफेंस सिस्ट को ‘सुदर्शन चक्र’ नाम दिया है जो भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरित है। भारत रूस से और भी एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने वाला है।
पिछले महीने रक्षा सचिव आरके सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने रूस से 10,000 करोड़ रुपये की लागत से 288 S-400 मिसाइलों की खरीद के लिए ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (AoN) प्रदान की थी।
एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता क्या है? – इसका शक्तिशाली रडार 600 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के खतरों को ट्रैक कर सकता है और 400 किमी के दायरे में उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह 10 मीटर से लेकर 30 किमी की ऊंचाई तक उड़ रहे लक्ष्यों को मार गिरा सकता है।
एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम एक साथ 300 से ज्यादा लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और उनमें से सबसे खतरनाक 36 से 80 लक्ष्यों को एक साथ निशाना बना सकता है।
S-400 की मिसाइलें Mach 14 (करीब 17,000 किमी/घंटा या 4.8 किमी/सेकंड) की मैक्सिमम स्पीड से उड़ सकती हैं। इतनी तेज गति के कारण दुश्मन के विमानों या मिसाइलों के लिए इससे बचना लगभग नामुमकिन होता है।
इसमें चार अलग-अलग श्रेणियों की मिसाइलें (400km, 250km, 120km और 40km रेंज) तैनात की जा सकती हैं। इसकी वजह से ये फाइटर जेट्स, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ साथ कई बार स्टेल्थ विमानों (जैसे F-35) के खिलाफ भी कारगर हो सकती हैं।
एस-400 पूरी तरह मोबाइल सिस्टम है जिसे ट्रकों पर तैनात किया जाता है। इसे युद्ध के लिए तैयार होने में मात्र 5 मिनट का समय लगता है जो अमेरिकी ‘पैट्रियट’ सिस्टम (25 मिनट) की तुलना में बहुत कम है।
रूस भारत को हाई-प्रिसिजन एयर डिफेंस सिस्टम देने को तैयार- दावा – इसके अलावा रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी RT इंडिया ने बताया है कि मॉस्को नई दिल्ली को पैंटसिर शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम की सप्लाई पर विचार कर रहा है। इसे एस-400 का बॉडीगार्ड कहा जाता है। दुश्मन अकसर एस-400 को खत्म करने के लिए ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल करते हैं। पैंटसिर ऐसे ड्रोन और मिसाइलों को खत्म करता है। सूत्रों के हवाले से आरटी इंडिया ने बताया है कि पैंटसिर-S1M सभी तरह के एयरोडायनामिक लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से निशाना बना सकता है जिसमें अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAVs) भी शामिल हैं।