
अमेरिका का H-1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है। ये वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने की अनुमति देता है। यह वीजा विशेष रूप से उच्च शिक्षित विदेशी पेशेवरों के लिए डिजाइन किया गया है। इस वीजा के तहत बड़ी संख्या में विदेशी अमेरिका में जाते हैं।
अमेरिका के विदेश विभाग ने अगले महीने यानी मई 2025 का वीजा बुलेटिन जारी कर दिया है। इस बुलेटिन से H-1B और ग्रीन कार्ड की आस लगाए भारतीयों को झटका लगा है। बुलेटिन में बताया गया है कि भारतीयों के लिए एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड फिफ्थ प्रेफरेंस (EB-5) कैटेगरी में भारी गिरावट आई है। भारत EB-5 अनरिजर्व्ड कैटेगरी में छह महीने से ज्यादा पीछे चला गया है। इसका मतलब है कि ग्रीन कार्ड मिलने में अब ज्यादा देरी होगी। पहले यह कैटेगरी चालू थी, जिससे भारतीय बिना किसी देरी के ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते थे। अब केवल वही लोग आगे बढ़ेंगे, जिनकी प्रायोरिटी डेट 1 मई 2019 से पहले की है। बाकी आवेदक एक बड़ी होती हुई बैकलॉग में फंस जाएंगे।
मई वीजा बुलेटिन के अनुसार, एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड फर्स्ट प्रेफरेंस (EB1) कैटेगरी में बदलाव नहीं हुआ है। भारत के लिए EB1 की कटऑफ डेट फरवरी 2022 है। चीन के लिए यह 8 नवंबर 2022 है, वहीं बाकी सभी देशों के लिए EB1 कैटेगरी अभी चालू है। एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड सेकंड प्रेफरेंस (EB2) कैटेगरी में कोई बदलाव नहीं है। भारत की कटऑफ डेट 1 जनवरी 2013 पर स्थिर है। चीन की EB2 कटऑफ डेट 1 अक्टूबर 2020 है। इनके अलावा बाकी सभी देशों के लिए EB2 कटऑफ 22 जून 2023 पर है।
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