
डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने के लिए विध्वंसक जहाज, सोनार जहाजों के साथ हजारों मरीन सैनिकों को तैनात कर दिए हैं। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने एफ-35बी लड़ाकू विमान, MV-22 ऑस्प्रे और 15 युद्धपोत भी होर्मुज की नाकाबंदी करने तैनात किए हैं। अमेरिकी सेना का मकसद धीरे धीरे होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह से अपना नियंत्रण बनाना है जबकि ईरान ने बिना टोल दिए इसे खोलने से मना कर दिया है। ट्रंप ने आदेश दिया है कि होर्मुज में प्रवेश करने वाले या बाहर निकलने वाले सभी जहाजों को रोका जाए।
होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी अगर कामयाब होती है तो ईरान के लिए ये विनाशकारी साबित हो सकती है। इससे उसके तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो जाएगी और युद्धग्रस्त अर्थव्यवस्था पंगु हो सकती है। मुश्किल ये है कि अगर ईरान अमेरिकी युद्धपोतों पर फायरिंग शुरू करता है तो युद्धविराम टूट जाएगा और युद्ध शुरू हो जाएगा। शायद अमेरिका ऐसा चाह भी रहा होगा। इसीलिए ये युद्धविराम फिलहाल अत्यंत नाजुक स्थिति में है और कभी भी टूट सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका ने कैसे ब्लॉक किया है? – CENTCOM के पूर्व कमांडर मरीन जनरल फ्रैंक मैकेंज़ी ने द सन की एक रिपोर्ट में बताया है “हम जलडमरूमध्य क्षेत्र पर नियंत्रण करने और आवश्यकता पड़ने पर अंतर्देशीय क्षेत्रों में भी कार्रवाई करने की योजनाओं पर वर्षों से काम कर रहे हैं।”
अमेरिकी सेना ने होर्मुज ब्लॉक करने के लिए एम्फीबियस असॉल्ट शिप USS Tripoli को तैनात किया है जो करीब 2700 मरीन सैनिकों को लेकर पहुंचा था।
इस युद्धपोत पर F-35B Lightning II स्टेल्थ फाइटर जेट और MV-22 Osprey जैसे विमान हैं। यह तैनाती अरब सागर में ईरानी तटीय इलाकों को निशाना बनाने के लिए अमेरिका की एक बड़ी सैन्य मुहिम का हिस्सा है।
विशेष सेंसरों से लैस तीन हल्के हथियारों से लैस माइनस्वीपर जहाज होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की तरफ से बिछाए गये माइंस को खोजने का काम कर रहे हैं।
कम से कम दो विध्वंसक जहाजों से घिरे ये माइनस्वीपर जहाजों को बनाया ही माइंस का पता लगाने के लिए है। अगर ये ईरानी माइंस को खोज लेते हैं तो ये IRGC के लिए बड़ा झटका होगा।
समुद्री खाड़ी के उथले पानी में तट के करीब ऑपरेशन के लिए डिजाइन किए गए छोटे एल्यूमीनियम फ्रिगेट, जिन्हें लिटोरल कॉम्बैट शिप के नाम से जाना जाता है वो बारूदी सुरंगों का पता लगाने के लिए अत्यधिक संवेदनशील AQS-20 सोनार से लैस हैं।
38 फीट लंबे पानी के भीतर के ड्रोन और लिटोरल शिप यूएसएस कैनबरा, यूएसएस सांता बारबरा और यूएसएस तुलसा से उड़ान भरने वाले एमएच-60 सीहॉक हेलीकॉप्टर मुख्य जहाजों से मीलों दूर पानी में खोजबीन करेंगे।
यह ऐसे समय में हो रहा है जब कल IRGC ने संकरे 20 मील चौड़े जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले अमेरिकी जहाजों के खिलाफ भयावह धमकियां जारी कीं और ओमान सागर में मौजूद सभी जहाजों को चेतावनी दी कि वे “दस मील से अधिक करीब न आएं अन्यथा हम गोलीबारी करेंगे”। अमेरिका ने दावा किया है कि पिछले महीने हुए लगातार हवाई हमलों में ईरान की अधिकांश नौसेना नष्ट हो चुकी है जिनमें उसके सभी फ्रिगेट, ड्रोन वाहक और पनडुब्बियां डूब गई हैं। हालांकि रिवोल्यूशनरी गार्ड के पास अभी भी सैकड़ों तेज गति से हमला करने वाली तारेघ स्पीडबोट हैं जिन पर कम दूरी की मिसाइलें और कच्चे रॉकेट से चलने वाले ग्रेनेड लगे हुए हैं।
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