
पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि युद्धग्रस्त अफगानिस्तान से वापसी के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने जिन हथियारों को वहीं छोड़ दिया था, वे अब आतंकियों के हाथों में चले गए हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान ने विश्व का ध्यान इस मुद्दे पर आकृष्ट करने का प्रयास किया। विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में यह बात कही। दो दिन पहले ही अफगानिस्तान के विद्रोहियों ने एक सैन्य चौकी पर हमला किया था जिसमें चार पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा, ”हम किसी को दोष नहीं देते हैं लेकिन अफगानिस्तान में छोड़े गए हथियारों पर विश्व को ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि वे अब आतंकवादी संगठनों के हाथों में पड़ गए हैं।” उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से आतंकवादी हमलों का मुद्दा वहां की अंतरिम सरकार के साथ उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान देश से आतंकवाद को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी जॉन किर्बी ने बुधवार को इस बात से इनकार किया कि अमेरिका ने अफगानिस्तान में करीब सात अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के हथियार और उपकरण छोड़े हैं, जिनका इस्तेमाल अब आतंकवादी समूह पाकिस्तान के खिलाफ कर रहे हैं।किर्बी ने कहा कि अमेरिकी बलों द्वारा वहां कोई उपकरण नहीं छोड़ा गया था।
उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी सैनिकों का वापसी अभियान पूरा हुआ तो हवाई अड्डे पर कुछ उपकरण और कुछ विमान थे, लेकिन अमेरिकी सैनिकों के वहां से निकलते ही वे सभी बेकार हो गए। उन्होंने कहा कि लोग जिन उपकरणों को अमेरिकी बता रहे हैं, वे पहले ही अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को सौंप दिए गए थे।
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