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दुश्मन के लड़ाकू ड्रोन का काल… भारतीय सेना का स्वदेशी ड्रोन जैमर तैयार…एक ‘ब्रीफकेस’ यूं मचाएगा तबाही


भारतीय सेना को जल्द ही ऐसे स्वदेशी पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम मिलने वाले हैं, जो दुश्मन के लड़ाकू ड्रोन को पलक झपकते ही हमेशा के लिए शांत कर सकते हैं। अगर रूस से मिला एस-400 दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही तबाह कर सकते हैं, तो अत्याधुनिक ड्रोन जैमर दुश्मन के ड्रोन को बर्बाद कर सकते हैं।
भारतीय सेना स्वदेशी ड्रोन जैमिंग सिस्टम खरीदने के लिए तैयार है। यह अत्याधुनिक ड्रोन जैमिंग टेक्नोलॉजी भारत की ही एक निजी कंपनी ने विकसित की है। ये सिस्टम 3 किलोमीटर के दायरे में दुश्मन के लड़ाकू विमानों को गिराने में पूरी तरग सक्षम हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने तुर्की में बने सस्ते ड्रोन के झुंड से भारत में दहशत फैलाने की कोशिश की थी। हालांकि, हमारे शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम ने उनको पूरी तरह से नाकाम कर दिया था। लेकिन, अब भारतीय सेना जो ड्रोन जैमर खरीदने जा रही है, वह पोर्टेबल है और ‘ब्रीफकेस’के आकार का होने की वजह से इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है।
पोर्टेबल ड्रोन जैमिंग सिस्टम खरीद रही सेना – मिंट ने इस ऐतिहासिक डील की जानकारी रखने वाले लोगों से मिली जानकारी के आधार पर एक रिपोर्ट दी है, जिसके मुताबिक भारतीय सेना पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी लिमिटेड से अत्याधुनिक ड्रोन जैमिंग सिस्टम खरीदने जा रही है। करीब तीन मिलियन डॉलर की यह खरीदारी ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा मंत्रालय के आपातकालीन खरीद प्रावधान के तहत होनी है, जिसके लिए जल्द ही करार होने वाली है। कंपनी ने इसी साल जुलाई में पोर्टेबल और हैंडहेल्ड ड्रोन जैमिंग सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर अमित महाजन ने बताया कि अब ‘चिमेरा 200 (Chimera 200) को 20 यूनिट की सप्लाई के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिसे पहले ही फील्ड में भारतीय सेना के दिग्गजों को दिखाया जा चुका है कि यह 3 किलोमीटर रेडियस में काम कर रहा है।’