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इजरायल के करीब मिला ‘सबसे पुराना’ जहाज, लदा था 3300 साल पुराना खजाना, समुद्र से निकाला गया


समुद्र में हजारों साल पुराने एक जहाज का खजाना गलती से खोज निकाला गया है। यह जहाज इजरायली तट से उत्तर में लगभग 2000 मीटर नीचे समुद्र की गहराई में पड़ा पाया गया। जहाज के मलबे से सैकड़ों खजाने मिले, जिसे एम्फोरा के नाम से जाना जाता है। यह 3,300 साल पुराने हो सकते हैं। इन्हें शराब के जग के रूप में जाना जाता है। इजरायली तट से 90 किमी दूर पर इस जहाज को खोजा गया, जिसका आकार 40 फुट का है। यह कांस्य युग का माना जा रहा है। पिछले साल इस जहाज को लंदन की एक गैस कंपनी ने समुद्र की रोबोट के जरिए स्कैनिंग के दौरान खोजा था।
ऐसा माना जाता है कि यह भूमध्य सागर में अब तक इतनी गहराई में खोजा गया सबसे पुराना जहाज है। क्योंकि इस युग के पिछले जहाजों के टुकड़े कभी भी जमीन से इतनी दूर नहीं मिले हैं। इससे यह भी पता चलता है कि प्राचीन नाविक गहरे समुद्र में यात्रा करने में उससे ज्यादा सक्षम थे, जितना इतिहासकार मानते हैं। खोजकर्ताओं का मानना है कि जहाज या तो तूफान के कारण या समुद्री डाकुओं के हमले से डूब गया होगा। इजरायल पुरातन प्राधिकरण की समुद्री इकाई के प्रमुख जैकब शारविट ने इसे विश्व स्तर पर इतिहास को बदलने वाली खोज बताया।
समुद्र से निकाला खजाना – शारविट ने आगे कहा, ‘ऐसा लगता है कि जहाज संकट में डूब गया है। या तो यह तूफान के कारण डूब गया या समुद्री डकैती के प्रयास के कारण जो कि कांस्य युग के अंत में बेहद प्रसिद्ध थी।’ शोधकर्ताओं ने इसकी सटीक जगह नहीं बताई है। लेकिन कहा कि यह जमीन से 90 किमी दूर पर है। जहाज अभी भी पानी के नीचे ही है। लेकिन शोधकर्ताओं को समुद्र से इसके जग को निकालने में कामयाबी मिल गई है। यह जग एम्फोरा कहलाते हैं, जिनका शरीर अंडाकार होता है। इसकी गर्दन पतली होती है और दो हैंडल होते हैं। तेल, शराब और फल ले जाने के लिए इसका इस्तेमाल होता था।
क्यों मानी जा रही बड़ी खोज? – शरवित ने कहा, ‘कीचड़ भरा तल जहाज की दूसरी परत को छुपाता है और ऐसा लगता है कि लकड़ी के बीम भी मिट्टी के नीचे दबे हुए हैं।’ शरवित का कहना है कि इस खोज से यह भी बात सामने आती है कि प्राचीन नाविकों की नेविगेशन क्षमता जानकारी से ज्यादा उन्नत थी। इस समय नाविक भूमि के करीब ही अपनी नाव लेकर चलते थे, ताकि लौटने में आसानी हो। लेकिन यह खोज दिखाती है कि इसके नाविक बिना जमीन का टुकड़ा देखे यात्रा कर रहे थे। संभव है कि वह अपनी दिशा जानने के लिए सूर्य और तारों का इस्तेमाल करते हों। दो जहाज पहले भी इस समय के खोजे गए हैं। लेकिन वे तटों के करीब थे।