
जांच दल ने बताया कि उन्होंने निलंबित राष्ट्रपति को तीन बार समन किया, लेकिन उन्होंने तीनों समन को अनदेखा कर दिया. जिसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट की मांग की गई है.
दक्षिण कोरिया के निलंबित राष्ट्रपति योन सुक योल की समस्याएं खत्म होती नहीं दिख रही है. अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने योन सुक योल के खिलाफ मार्शल लॉ की अस्थायी घोषणा को लेकर गिरफ्तारी वॉरंट जारी करने की मांग की है. दक्षिण कोरिया के संयुक्त जांच मुख्यालय (Joint Investigation Headquarters) ने सोमवार (30 दिसंबर) को बताया कि राष्ट्रपति योन सुक योल के खिलाफ विद्रोह और सत्ता का दुरुपयोग करने के आरोपों में गिरफ्तारी की मांग की गई है.
राष्ट्रपति ने तीन बार समन का किया अनदेखा – जांच दल ने बताया कि उन्होंने निलंबित राष्ट्रपति योन सुक योल को तीन बार समन किया, लेकिन उन्होंने तीनों समन को अनदेखा कर दिया. जिसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की मांग की गई है. इस जांच दल में करप्श्न इंवेस्टिगेशन ऑफिस (CIO), पुलिस और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को शामिल किया गया है.
अब यह निर्णय कोर्ट करेगा कि राष्ट्रपति योन के खिलाफ गिरफ्तारी वांरट जारी किया जाए या नहीं. हालांकि यह साउथ कोरिया के इतिहास में पहली बार होगा कि राष्ट्रपति को महाभियोग के प्रक्रिया पूरी होने से पहले हिरासत मे लेने का प्रयास किया जा रहा है.
राष्ट्रपति के वकील ने क्या कहा? – दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति योन सुक योल के वकील युन गेप-गुप ने योनहाप न्यूज एजेंसी से कहा, “COI अपने अधिकार से बाहर काम कर रहा है, लेकिन योन इसके लिए औपचारिक कदम उठाएंगे.”
3 दिसंबर को राष्ट्रपति ने लागू किया था मॉर्शल लॉ – उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति योन सुक योल ने 3 दिसंबर (मंगलवार) को देश में मॉर्शल लॉ की संक्षिप्त घोषणा की थी, जिसने पूरे देश को चौंका दिया था. इससे देश को दशकों में अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ा था.
देश की नेशनल एसेंबली ने राष्ट्रपति के खिलाफ 204-85 के वोट से महाभियोग का प्रस्ताव पारित किया था. जिसके बाद राष्ट्रपति को 14 दिसंबर (शनिवार) को उनके कर्तव्यों से निलंबित कर दिया गया था.
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