
डेमोक्रेट जो बाइडने ने साल 2021 में जब अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी तो भारत ने उनसे काफी उम्मीदें लगाई थीं। वहीं भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञ बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर काफी आशंकित थे। दरअसल बाइडेन जिस समय सीनेटर थे, वह एक ऐसा फैसला कर चुके थे जिसकी भारत ने बहुत बड़ी कीमत चुकाई। राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडेन ने एक बार फिर अपना वही पुराना रंग भारत को दिखा दिया है। बाइडेन प्रशासन ने फैसला कर लिया है कि वह पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) के पास मौजूद फाइटर जेट एफ-16 को अपग्रेड करेगा। सिर्फ इतना नहीं पाकिस्तान को इसके लिए 450 मिलियन डॉलर की मदद भी दे दी गई है। अमेरिका जो खुद को भारत का ‘सच्चा साथी’ बताता है उसने एक बार फिर पीठ पर छुरा भोंका है।
सीनेटर थे जो बाइडेन : यह बात है साल 1992 की जब बाइडेन, डेलावेयर से डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर थे। अमेरिका में बतौर राष्ट्रपति रिपब्लिकन पार्टी के जॉर्ज बुश सीनियर तमाम अहम फैसले ले रहे थे। सोवियत संघ का पतन हो चुका था और एक अलग देश के तौर पर रूस अपनी नई शुरुआत कर रहा था। इस नए देश की कमान राष्ट्र्रपति बोरिस येल्तसिन के हाथ में थी। दूसरी तरफ भारत में आर्थिक सुधारों का दौर शुरू हो चुका था।
Home / News / रूस के साथ हुई एक डील में डाला था अड़ंगा, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भारत के लिए पहले भी साबित हो चुके हैं विलेन
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